" हम तो डूबे सनम, तुम्हे भी डुबो कर दम लेंगें!"


सौजन्य अख्तर अली सैयद  2026-09-28 20:06:38



क्या बीकानेर नगर निगम के चुनाव में दोनों राजनैतिक दलों के कई वार्ड पार्षदों ने क्रॉस वोटिंग की है - कादरी       

बीकानेर। सामाजिक कार्यकर्ता एवं आरटीआई कार्यकर्ता एनडी क़ादरी ने सोमवार को बताया कि शहर में चर्चा है कि महापौर चुनाव में कांग्रेस पार्टी के 9 वार्ड पार्षदों ने क्रॉस वोटिंग की है, और इसी तरह भाजपा के कई वार्ड पार्षदों द्वारा भी क्रॉस वोटिंग की गई है।दिनांक 21 सितंबर को हुए चुनाव में कांग्रेस पार्टी के प्रत्यासी अनिल कल्ला को 50 वोट मिले, जबकि शहरी क्षेत्र में माना जा रहा था कि अनिल कल्ला को 59 वोट मिल जायेंगे । इसी तरह भाजपा के वोट 27 थे, और उनके खेमें में निर्दलीय पार्षद 6 थे और 9 वोट कांग्रेस पार्टी के टूट कर आने थे, यानि उनका मानना था कि कुल 42 वोट मिल ही जायेंगे और 4 वोट से जीत मिल जायेगी, यही वजह थी कि भाजपा खेमें में जबरदस्त कॉन्फिडेंस था और वे लोग जीत के प्रति पूरी तरह से आश्वस्त थे ।कहते हैं कि बीकानेर शहर के अंदुरूनी क्षेत्र में शहर बनाम बाहरी के चुनाव का माहौल बन चुका था, लेकिन कांग्रेस खेमें के 9 पार्षदों के वोट कांग्रेस पार्टी को नहीं मिले, इसी वजह से कांग्रेस प्रत्याशी को 59 की जगह 50 वोट ही मिले और 20 वोट से ही जीत हासिल हो सकी ।लेकिन उप महापौर चुनाव में ये तमाम समीकरण गड़ बड़ और उलट हो गए ।महापौर चुनाव में हार हो जाने पर भाजपा पूरी तैयारी और मुस्तेदी से घायल शेर के मानिंद उप महापौर बनाने की तैयारी में जुट गए तो दूसरी ओर कांग्रेस खेमें में लापरवाह हो कर हर कोई उप महापौर का दावेदार बन गया । और विजय पार्षदों की बाड़ेबंदी ना होकर आमजन का सलाहकार केन्द्र में तब्दील होकर आम व्यक्ति के लिए खुल गया।प्रारम्भ में जावेद पडिहार का नाम लगभग तय हो गया था, लेकिन पूर्व-पश्चिम के मुद्दे पर उनका नाम उड़ गया, जिस पर जावेद रात के दो बजे नाराज़ हो कर होटल विस्टा छोड़ कर अपने घर चले गए । उधर होटल विस्टा में जावेद पंवार, अब्दुल वाहिद और अब्दुल सत्तार के नाम चलने लगे, और सुबह 4 बजे के करीब गुलाम मुस्तफा के भानजे वाहिद का नाम तय हो गया ।दूसरी ओर होटल में ही छैलू सिंह, चेतना डोटासरा, सपना मारू और मनोज बिश्नोई ने भी अपने आपको उप महापौर बनाने की मांग रख दी ।लोगों में चर्चाओं से जानकारी अनुसार नसीम बानो के ससुर बाबू भाई ने बीडी कल्ला को अप्रोच करवाई, तो मुस्लिम महिला होने के हवाले से नसीम बानो का नाम तय हो गया । लेकिन कांग्रेस खेमे में इतनी आपाधापी हो गई कि कुल 7 लोगों ने नॉमिनेशन दाखिल कर दिया, जिसे समझा-बुझाकर शेष के नाम वापस लिए गए ।राजनैतिक हलकों में चर्चा है कि बाड़ेबंदी कुटने के साथ ही भाजपा खेमें को कांग्रेस पार्षदों की पल पल की खबरें मिल रही थी, जबकि कांग्रेस खेमा जीत की खुमारी और बहुमत होने के घमंड से लापरवाह हो गया था, जबकि कांग्रेस पार्टी के असल वोटों में सेंध लग गई थी और नतीजा यह रहा कि भाजपा को 40 वोट मिल गए और कांग्रेस प्रत्याशी को 38 वोट ही मिले, एक वोट नोटा को चला गया और दूसरा जान बूझ कर खराब कर दिया गया,जो रिजेक्ट हो गया ? शहर के क्षेत्रों में कयास लगाए जा रहे हैं कि ये दोनों वोट मुस्लिम समाज के पार्षदों के होने चाहिए, माना जा रहा है कि दोनों मुस्लिम पार्षद सैद्धांतिक रूप से अपना वोट भाजपा को देना नहीं चाहते थे और ईर्ष्या वश कांग्रेस प्रत्यासी को भी वोट नहीं देना चाहते थे इसीलिए दोनों वोट ख़राब कर दिए गए ? 

     " हम तो डूबे सनम, तुम्हे भी डुबो कर दम लेंगें!"

शहर में जबरदस्त चर्चा है कि मुस्लिम महिला प्रत्याशी की हार का राजनैतिक फ़ायदा उठाने और बी डी कल्ला को अनायास बदनाम करने की साजिश कांग्रेस के एक बड़े नेता द्वारा रची जाने लगी और जिन लोगों ने कांग्रेस पार्टी को वोट ही नहीं दिया और सी पी एम पार्टी के लिए काम करने वाले मुस्लिम नेता उप महापौर में मुसलमानो के साथ धोखा हो जाने का हवाला देकर सोशल मीडिया में बी डी कल्ला जी का विरोध प्रदर्शन करने लग गए ।

   यह हकीकत है कि समूचे राजस्थान में सरकारी तन्त्र द्वारा पॉवर का इस्तेमाल किया गया है, और दूसरी ओर चन्द मुस्लिम नौजवान कांग्रेस को कमज़ोर करने के काम करने लग गए जिन्होंने स्वयं भाजपा के साथ मिलकर कांग्रेस के ही मुस्लिम प्रत्याशीयों को हराने का काम किया था, इनका एजेंडा वही था,जो भाजपा के नेता चाहते थे ।

  शहर के मुस्लिम नौजवानों को गंभीरता से इस राजनीति को समझना होगा, अन्यथा आज के हालात में वे अपनी कौम का ही नुक्सान कर बैठेंगे । यह जानकारी सोमवार को प्रेस विज्ञप्ति में एन डी कादरी आरटीआई एवं सामाजिक कार्यकर्ता बीकानेर ने दी है।


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