आवाज दो हम एक हैं ? बैंक कर्मियों का विशाल प्रदर्शन 


क्राइम रिपोर्टर के कुमार आहूजा  2026-09-28 05:39:07



 

    आवाज दो हम एक हैं ? बैंक कर्मियों का विशाल प्रदर्शन 

     यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर भारतीय स्टेट बैंक पब्लिक पार्क शाखा, बीकानेर के समक्ष विशाल प्रदर्शन व जबरदस्त नारेबाजी IBA व DFS के खिलाफ की गई । 

    काॅमरेड अमरजीत कौर राष्ट्रीय महासचिव एटक,अंतर्राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, वर्ल्ड फेडरेशन का ट्रेड यूनियंस का यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस, बीकानेर के संयोजक वाई.के. शर्मा, रामदेव राठौड़, मुकेश शर्मा, रूपेश शर्मा ने बैंक कर्मियों के प्रदर्शन शामिल होकर हौसला अफजाई करने पर हार्दिक अभिनन्दन किया और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया।

   आज के विशाल प्रदर्शन में उपस्थित समस्त बैंक कर्मियों को संबोधित करते हुए काॅमरेड अमरजीत कौर , राष्ट्रीय महासचिव , अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन क्रांग्रेस संबोधित किया कि आज देश भर के बैंक कर्मी 5 दिवसीय सप्ताह लागू करने की मांग, 07 दिसंबर 2023 को UFBU और IBA सहमति बनी । केन्द्र सरकार ने बैंक कर्मियों की पांच दिवसीय मांग लागू नहीं करने पर, PLI में भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा । समस्त बैंक कर्मियों के साथ अन्याय किया, लंबित मुद्दों को शीघ्र लागू करने, पुरानी पेंशन बहाल करने आदि । यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस व वित्त सचिव, भारतीय बैंक संघ, के मध्य 22 व 23 जनवरी 26 को श्रम आयुक्त कार्यालय, दिल्ली ने पांच दिवसीय बैंकिग सप्ताह लागू करने के लिए यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस 27 जनवरी की हड़ताल को वापस लेने की मध्यस्थता की, लेकिन DFS की हठधर्मिता के कारण बैठक बिना निर्णय के विफल होने से बैंक कर्मियो के पास हड़ताल करने के अलावा विकल्प नहीं रहा, 08 मार्च 2024 को सम्पन्न 12 वां द्विपक्षीय वेतन समझौता पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह मांग की सहमति को लागू नहीं किए जाने पर बैंक कर्मियों को मजबूरन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया । राष्ट्रीयकरण से देश में हरित क्रांति आई, उधोग धंधे बढने छोटे किसान, गरीब को सहायता, आमजन को बैंकों से ऋण मिलन लगा, सामाजिक उत्थान हुआ, बैंक कर्मियों ने समय पाबंदी ध्यान न रखकर आमजन, ग्राहकों को सेवाएं प्रदान की , नोट बंदी व कोरोना काल में बैंक कर्मियों ने सहायता । फिर भी सरकार न्यायोचित मांग नहीं माना, राजनैतिक पार्टियों को बैंक कर्मियों व संगठन से बहुत अपेक्षाएं है । बैंक कर्मियों की UFBU ने 24 व 25 मार्च को पांच दिवसीय बैंकिग सप्ताह लागू करवाने का हड़ताल का नोटिस दिया गया था । 11 सितंबर को एक दिन की सांकेतिक हड़ताल पर जाने पर विवश किया, दिनांक 07 सितंबर को UFBU व IBA के साथ बिना निर्णय समाप्त होने पर श्रम आयुक्त, नई दिल्ली में दिनांक 22, 23 सितंबर को UFBU व IBA, DFS के साथ मध्यस्थता के चलते ठोस निर्णय नहीं निकले पर वार्ता विफल होने पर पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह निश्चित दिनांक घोषित नहीं करने पर 28 सितंबर से 30 सितंबर और 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हड़ताल पर जाने का निर्णय किया । 

   आई बी ए , वित्त सचिव और UFBU के बीच हड़ताल वापस लेने की बातचीत हो रही है, सरकार मांगे पूरा नहीं करना चाहती केवल जुमला बाजी कर रही है, बैंक कर्मियों को डराने-धमकाने काम करती है, लेकिन बैंक कर्मी अपनी मांगों को लेकर लामबंद है, आर-पार लड़ाई, आंदोलन मार्ग पर अग्रसर है । सरकारी अवकाश रविवार 27 सितंबर को बैंकों को खुलवाकर जबरदस्ती काम करवाना चाहते हैं । समस्त बैंको में आदेश जारी कर देश आम जनता को भ्रमित कर रही है ।

  बैंक कर्मियों का सब्र का बांध टूट गया, युवा एवं महिलाओं में जबरदस्त आक्रोश है, लम्बे अंतराल पर मांगों का ठोस निर्णय नहीं निकला, कई दौर की वार्ता विफल होने पर बैक कर्मियों को हड़ताल पर जाने पर मजबूर किया गया । ग्राहकों की असुविधा के लिए खेद प्रकट करते हैं ।

 बैंकों में एक दो शनिवार को अवकाश स्वीकृत वर्ष 2015 किया गया, लम्बे समय से प्रमुख मांग राष्ट्रीयकृत बैंकों में विगत 10 वर्षों से लंबित 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग तथा 12वें द्विपक्षीय समझौते 08 मार्च 2024 में यूनियनों के साथ इस मांग पर सहमति होने के बावजूद भारत सरकार द्वारा अब तक इसे लागू नहीं किया गया, सरकार द्बारा आम जनता, बैंक कर्मियों के साथ मजाक की , कि लिखित सहमति बनने पर कहा जा रहा है कि पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने सहमति नहीं बनी । लिखित में सहमति होने पर बैंक कर्मियों द्बारा तीन दिवसीय 28 सितंबर से 30 सितंबर, हड़ताल करने के लिए विवश है ।

शौक नहीं मजबूरी है, यह हड़ताल जरूरी है । 

   

   सेवानिवृत्ति अधिकारी व कर्मचारी प्रदर्शन में पहुंचकर समर्थन प्रदान किया ।

  महिला कर्मचारी लालसा, बबीता, प्रीति, प्रदर्शन का नेतृत्व किया । 

  28 सितंबर से 30 सितंबर तक अखिल भारतीय स्तर पर हड़ताल कार्यक्रम प्रस्तावित है । 

 आज के प्रदर्शन का नेतृत्व भारतीय स्टेट बैंक से मनोज सैनी, रमन ठाकुर, करण सिंह, जितेंद्र व्यास, कुलदीप भारती, किशन मुरारी, सीता राम कच्छावा, जे.पी. वर्मा, गुल्लू, राकेश ओला, दीपक किरना, सूरज बैदी, सुनील दत्त नागल, योगेश पडिहार, नवीन पडिहार, सैयद जावेद, विशाल आंनद, विक्रम रचियेता बैंक आफ बड़ौदा से शिव किशन पारीक, किशन डागा, गगन कच्छावा, भूपेन्द्र निर्वाण, सुनील कुमार, मुरली व्यास, मनीष बलाई ,पंजाब नेशनल बैंक से आनंद ज्याणी, यूको बैंक से सुभाष दैया, अनुराग सैनी, यूनियन बैंक से जयशंकर खत्री, बलदेव व्यास, श्रीनारायण इंडियन बैंक से राजेन्द्र मोदी, पूनमचंद भादू, पंजाब एंड सिंध बैंक से सोनू कुमार, कैनरा बैंक से संदेश गोदारा, कार्तिक खत्री, सहकारी बैंक से आफताब हुसैन राज. काॅपरेटिव बैंक से मूल चंद बैंक आफ महाराष्ट्र से छोटू लाल चांवरिया बैंक आफ इंडिया से भाटिया, ग्रामीण बैंक से जनक कुमार आदि । 

UFBU प्रमुख मांगों - सरकार के विरुद्ध पांच दिवसीय सप्ताह लागू नहीं करने, PLI में असमानता रखने, लंबित मुद्दों को शीघ्र लागू करने, पुरानी पेंशन बहाल करने, मेडिकल इत्यादि ।

 IBA व केन्द्र सरकार के खिलाफ को चेतावनी दी गई कि बैंकों पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू नहीं किया, PLI सभी को 15 दिन का भुगतान, समानता नहीं रखी, पुरानी पेंशन बहाल करने नहीं किया गया, तो आंदोलन, संघर्षों को आगे बढ़ाएंगे और जरूरत पड़ने पर देश का बैक कर्मी अपनी जायज मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं । भारत सरकार के स्वयं के कार्यालयों, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), बीमा क्षेत्र, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI), नाबार्ड सहित अनेक संस्थानों में पहले से ही 5 दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है, इसके बावजूद राष्ट्रीयकृत बैंकों में इसे लागू न करना वित्त मंत्रालय एवं आईबीए की हठधर्मिता को दर्शाता है, जिसके लिए सरकार पूर्णतः जिम्मेदार है।जबकि वर्क लाइफ बैलेंस सिद्धांत की वकालत करने वाली सरकार स्वयं ही बैंक कर्मियों की इस दिशा में जायज मांग नहीं मान रही है।

इस आंदोलन में कई सेवा निवृत्त बैंक कर्मचारियों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई और आंदोलनरत कर्मचारियों के समर्थन में नारे लगाकर युवाओं एवं महिलाओं का उत्साहवर्धन किया ।

यूएफबीयू ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार शीघ्र ही 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग पर निश्चित दिनांक घोषित करने, सकारात्मक निर्णय नहीं मांगे जाने पर देश और उग्र आंदोलन बैंक कर्मियों द्बारा किया जाएगा । 

भवदीय 

रामदेव राठौड़ 

उपसंयोजक 

UFBU, BIKANER


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