जहरीली शराब पीने से 19 की मौत, 19 गिरफ्तार और 3000 बोतलें जब्त


के कुमार आहूजा  2026-09-27 09:24:52



जहरीली शराब पीने से 19 की मौत, 19 गिरफ्तार और 3000 बोतलें जब्त

कोहिमा, भारत। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों से इस वक्त एक बेहद दुखद और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है, जो प्रशासनिक व्यवस्था को झकझोर कर रख रही है। नागालैंड राज्य के अंदर अवैध रूप से बेची जा रही जहरीली शराब के सेवन से कुल 19 बेकसूर लोगों की जान चली गई है। इस गंभीर घटना के प्रकाश में आने के बाद से राज्यभर में भारी हड़कंप मच गया है, और आबकारी विभाग तथा पुलिस प्रशासन ने मिलकर इस अवैध कारोबार के खिलाफ एक बहुत बड़ा और सख्त अभियान शुरू कर दिया है।

त्रासदी और मौत

प्राप्त विस्तृत जानकारियों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों के दौरान मोकोकचुंग और ट्यूएनसांग जिलों में स्थानीय नागरिकों ने अत्यधिक जहरीली शराब का सेवन कर लिया था, जिससे उनकी तबीयत अचानक तेजी से बिगड़ने लगी। अस्पताल में इलाज के दौरान कुल 19 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर मरीजों की हालत नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज लगातार जारी है। हरी शराब पीने की इस दर्दनाक घटना के बाद से पीड़ित परिवारों के भीतर कोहराम मचा हुआ है, और स्थानीय निवासियों ने राज्य के भीतर चल रहे इस अवैध शराब के कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की है।

पुलिस कार्रवाई

घटना की गंभीरता को देखते हुए नागालैंड पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत हरकत में आते हुए कई टीमों का गठन किया और संदिग्ध ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल 19 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके ठिकानों से लगभग 3000 अवैध शराब की बोतलें भी बरामद की हैं। हरी शराब के इस खतरनाक कारोबार से जुड़े नेटवर्क को खंगालने के लिए पुलिस गिरफ्तार किए गए आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध जहरीले पेय पदार्थ को बनाने और सप्लाई करने का मुख्य सरगना कौन है।

प्रशासनिक सख्ती

इस भीषण त्रासदी के सामने आने के बाद राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय ने पूरे प्रदेश में शराब विरोधी अभियानों को और अधिक तेज करने के स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं। पुलिस अधिकारी लगातार विभिन्न जिलों में अवैध रूप से चल रही भट्टियों और गुप्त गोदामों पर नजर रख रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति को पूरी तरह रोका जा सके। हरी शराब की इस जहरीली खेप के पकड़े जाने से यह साफ हो गया है कि किस प्रकार मुनाफाखोर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं, जिन्हें कानून के दायरे में लाकर कड़ी सजा दिलाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।

जनता का आक्रोश

इस अमानवीय घटना के बाद से स्थानीय नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के भीतर प्रशासन और तस्करों के खिलाफ भारी गुस्सा और रोष साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। लोगों का यह कहना है कि यदि समय रहते पुलिस ने अवैध शराब के इस काले कारोबार पर अपनी पैनी नकेल कस ली होती, तो शायद इतने सारे लोगों को अपनी जान इस प्रकार न गंवानी पड़ती। हरी शराब के सेवन से हुई इन मौतों ने एक बार फिर से इस बात को साबित कर दिया है कि किस प्रकार अनधिकृत और जहरीले पेय पदार्थों का सेवन आम इंसान के जीवन के लिए एक अभिशाप बनता जा रहा है, जिस पर पूर्ण नियंत्रण जरूरी है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

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