दंतेवाड़ा मुठभेड़: सुरक्षा बलों ने तीन नक्सलियों को किया ढेर, भारी मात्रा में हथियार बरामद
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-28 07:58:38

मंगलवार सुबह छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा और बिजापुर जिले की सीमा पर सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। यह संघर्ष तब शुरू हुआ जब सुरक्षा बलों ने इलाके में नक्सल विरोधी अभियान छेड़ा। इसी दौरान जंगलों में छिपे नक्सलियों ने अचानक हमला कर दिया। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने तीन नक्सलियों को ढेर कर दिया।
नक्सलियों के शव और भारी हथियार बरामद
मुठभेड़ के बाद इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें नक्सलियों के तीन शव बरामद हुए। पुलिस ने उनके पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद जब्त किया। इस ऑपरेशन की पुष्टि बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने की और बताया कि इलाके में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है ताकि बाकी नक्सलियों को खोजा जा सके।
"नक्सलियों ने किया घात लगाकर हमला, जवानों ने दिया करारा जवाब"
दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक (SP) गौरव राय ने मुठभेड़ को लेकर कहा, "हमारी सुरक्षा टीम मंगलवार सुबह इलाके में तलाशी अभियान चला रही थी, तभी नक्सलियों ने घात लगाकर हमला कर दिया। लेकिन हमारे जवानों ने साहसिक जवाबी कार्रवाई की और तीन नक्सलियों को मार गिराया। ऑपरेशन अभी जारी है।"
अमित शाह का बड़ा मिशन: 2026 तक नक्सलवाद का सफाया
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में ऐलान किया था कि मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को पूरी तरह से नक्सलवाद से मुक्त कर दिया जाएगा। यह मुठभेड़ उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का ऐलान: "छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अब अंतिम चरण में"
छत्तीसगढ़ विधानसभा के स्वर्ण जयंती समारोह के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित लोगों को मुख्यधारा में लाना है। उन्होंने कहा, "बहुत जल्द छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्त होगा और राज्य के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ जाएगा।"
नक्सलियों के आत्मसमर्पण में बढ़ोतरी
हाल ही में बीजापुर जिले में 22 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। इनमें से छह नक्सलियों पर सरकार ने लाखों रुपये का इनाम घोषित किया था। आत्मसमर्पण करने वाले प्रमुख नामों में अयातु पुनेम, पांडु कुंजम, कोसी तामो, सोना कुंजम, लिंगेश पदम और तिबरूराम माड़वी शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का अंत नजदीक?
सरकार के कठोर रुख और सुरक्षा बलों की आक्रामक कार्रवाई के चलते नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है। लगातार हो रही मुठभेड़ों और आत्मसमर्पण की बढ़ती संख्या से संकेत मिलता है कि छत्तीसगढ़ जल्द ही नक्सल मुक्त हो सकता है।