विश्व क्षय रोग दिवस 2025: म्हारे गांव टीबी ना पसारे पांव अभियान की सफलता
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-27 08:05:33

भारत सरकार के 'टीबी मुक्त भारत 2025' के संकल्प को साकार करने के लिए देशभर में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में, विश्व क्षय रोग दिवस की पूर्व संध्या पर, जिला स्वास्थ्य समिति के तत्वावधान में 'म्हारे गांव टीबी ना पसारे पांव' संदेश के साथ एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य टीबी के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और समुदाय को इस अभियान में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना था।
टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान की शुरुआत:
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सी.पी. गोस्वामी ने बताया कि जिले में टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत 395 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस अभियान के माध्यम से समुदाय को टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार के प्रति जागरूक किया जा रहा है, ताकि समय पर पहचान और उपचार से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सके।
टीबी के लक्षण और नि:शुल्क जांच की सुविधा:
डॉ. गोस्वामी ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक खांसी, बलगम में खून आना, बुखार, वजन कम होना, भूख कम लगना जैसे लक्षण महसूस हों, तो उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर नि:शुल्क जांच और उपचार कराना चाहिए। सरकार द्वारा सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर टीबी की जांच और उपचार की नि:शुल्क सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे मरीजों को समय पर सही उपचार मिल सके।
'निक्षय मित्र' बनने की अपील:
समुदाय की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए नागरिकों से 'निक्षय मित्र' बनने की अपील की गई है। 'निक्षय मित्र' टीबी रोगियों और उनके परिवारों को पोषण, रोजगार, आर्थिक और शैक्षणिक सहायता प्रदान करके समाज में अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभा सकते हैं। इससे टीबी रोगियों को मानसिक और सामाजिक समर्थन मिलेगा, जो उनके शीघ्र स्वस्थ होने में सहायक होगा।
कार्यक्रम में स्वास्थ्यकर्मियों और छात्रों की सहभागिता:
इस अवसर पर जिला क्षय रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ. प्रदीप कटारिया, डॉ. भगवती लाल, डॉ. छिगनलाल, शक्ति सिंह, पीयूष चतुर्वेदी, फारूक मोहम्मद, अशोक कुमार सेन, शिशिर जोशी, अवधेश जोशी सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। उनकी सक्रिय सहभागिता से कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित हुई और समुदाय में जागरूकता का संदेश प्रभावी रूप से पहुंचा।
टीबी मुक्त भारत 2025 का लक्ष्य:
भारत सरकार ने 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर कई योजनाएं और कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिनमें टीबी की रोकथाम, पहचान और उपचार के साथ-साथ जन-जागरूकता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। समुदाय की सक्रिय सहभागिता और सरकारी प्रयासों के समन्वय से इस लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो रही है।
रिपोर्ट - पंकज पोरवाल, भीलवाड़ा।