राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर: शिक्षा, समाज सेवा और संस्कारों का अद्भुत संगम


के कुमार आहूजा,   2025-03-26 10:08:46



 

क्या आपने कभी सोचा है कि युवा शक्ति कैसे समाज सेवा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकती है? महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के संघटक कृषि महाविद्यालय सुवाणा, भीलवाड़ा में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के सात दिवसीय विशेष शिविर ने इसी उद्देश्य को साकार किया। यह शिविर सिर्फ एक आयोजन नहीं था, बल्कि यह एक प्रेरणादायक पहल थी, जिसमें छात्र-छात्राओं ने सामाजिक उत्तरदायित्व को समझा और अपनाया।

राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर का भव्य शुभारंभ

18 मार्च 2025 को शिविर का शुभारंभ महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एल.एल. पंवार के मार्गदर्शन में हुआ। उद्घाटन सत्र में उन्होंने एनएसएस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए स्वयंसेवकों को प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि यह योजना सिर्फ सेवा कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का एक सशक्त माध्यम है।

स्वच्छता अभियान: पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम

शिविर के दौरान महाविद्यालय परिसर में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। छात्र-छात्राओं ने सफाई कार्यों में भाग लिया और परिसर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने का संकल्प लिया। इसके अलावा, महाविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गाँव कालसांस में स्वच्छता जागरूकता रैली निकाली गई। ग्रामीणों को स्वच्छता के महत्व के बारे में बताया गया और उनके बीच स्वच्छता से जुड़ी जानकारियाँ साझा की गईं।

रक्तदान शिविर: जीवन बचाने की मुहिम

शिविर के समापन से पहले 24 मार्च को एक विशेष रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। इस आयोजन में रामस्नेही चिकित्सालय की तकनीकी टीम ने रक्त संग्रह किया। कुल 25 यूनिट रक्तदान किया गया, जिसमें महाविद्यालय के छात्रों, शिक्षकों और स्टाफ ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर उपस्थित डॉक्टरों ने रक्तदान के लाभ और इसकी आवश्यकता के बारे में जागरूक किया।

योग और प्राणायाम: स्वस्थ जीवन का मूलमंत्र

शिविर के दौरान स्वयंसेवकों के लिए योग एवं प्राणायाम सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र का उद्देश्य युवाओं को मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने के लिए योग का महत्व समझाना था। प्रशिक्षकों ने विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन, एकाग्रता और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए विभिन्न योगासन और प्राणायाम की तकनीकें सिखाईं।

विश्व जल दिवस: जल संरक्षण का संदेश

22 मार्च को विश्व जल दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जल संरक्षण के महत्व पर चर्चा की गई। विद्यार्थियों ने जल बचाने की शपथ ली और गाँव में लोगों को जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया। इसके अंतर्गत सार्वजनिक स्थलों पर पक्षियों के लिए परिण्डे बांधे गए और वृक्षारोपण किया गया। ग्रामीणों ने इस पहल में बढ़-चढ़कर भाग लिया और भविष्य में जल संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया।

भारतीय संस्कृति और सेवा भावना पर सत्र

शिविर के दौरान भारतीय संस्कृति, नैतिकता और समाज सेवा पर भी विशेष सत्र आयोजित किए गए। इसमें छात्र-छात्राओं को बताया गया कि कैसे सेवा कार्यों के माध्यम से वे समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी के कार्यों पर एक विशेष व्याख्यान भी दिया गया, जिससे स्वयंसेवकों को सेवा कार्यों की बारीकियों को समझने का अवसर मिला।

शिविर का समापन: सेवा का संकल्प

शिविर का समापन समारोह 24 मार्च को हुआ। इस अवसर पर डॉ. रामावतार के निर्देशन में हुए विभिन्न सेवा कार्यों का सारांश प्रस्तुत किया गया और प्रतिभागियों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में डॉ. प्रकाश पंवार, डॉ. किशन जीनगर, डॉ. सुचित्रा दाधीच सहित अन्य शिक्षकों ने भी भाग लिया। शिविर के सफल आयोजन में श्री कमल किशोर, आशीष मीणा, अंकित मीणा, हरनाथ सिंह कोठारी, देवी लाल माली, अरविन्द कुमार जोशी, रामप्रसाद जाट का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

राष्ट्रीय सेवा योजना का यह विशेष शिविर समाज सेवा, शिक्षा और स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। इस शिविर ने छात्र-छात्राओं को न केवल सामाजिक कार्यों से जोड़ा, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित भी किया।

रिपोर्ट - पंकज पोरवाल, भीलवाड़ा।


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