भगवान आदिनाथ की जयंती पर शास्त्रीनगर में धूमधाम: शोभायात्रा, अभिषेक और भक्ताम्बर पाठ का आयोजन


के कुमार आहूजा,   2025-03-26 05:40:35



 

शास्त्रीनगर स्थित सुपार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में इस वर्ष प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ (ऋषभदेव) का जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव अत्यंत धूमधाम से मनाया गया। ऐलक क्षीर सागर महाराज के सान्निध्य में आयोजित इस महोत्सव ने श्रद्धालुओं के बीच विशेष उत्साह का संचार किया। भक्ति, संगीत और शोभायात्रा के माध्यम से यह आयोजन शहर में चर्चा का केंद्र बना रहा।​

भगवान आदिनाथ: जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर

भगवान आदिनाथ, जिन्हें ऋषभदेव के नाम से भी जाना जाता है, जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर हैं। उनका जन्म अयोध्या में राजा नाभिराय और रानी मरुदेवी के यहां चैत्र कृष्ण नवमी को हुआ था। उन्होंने मानव समाज को कृषि, कला और संस्कृति का ज्ञान प्रदान किया, जिससे समाज में सभ्यता का विकास हुआ। उनके जीवन के पाँच प्रमुख कल्याणक - गर्भ, जन्म, तप, ज्ञान और मोक्ष - जैन धर्म में विशेष महत्व रखते हैं। ​

शांतिधारा, अभिषेक और नित्य पूजन का आयोजन

प्रातःकाल भगवान आदिनाथ की जयंती पर मंदिर में शांतिधारा, अभिषेक और नित्य पूजन का आयोजन बड़े धूमधाम से किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान की प्रतिमा का अभिषेक कर मंगलकामनाएँ कीं और भक्ति में लीन होकर पूजन संपन्न किया।​

भव्य शोभायात्रा: भक्ति और उल्लास का संगम

समिति के अध्यक्ष राकेश पाटनी के नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने हाउसिंग बोर्ड के मुख्य मार्गों पर बैंड-बाजों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली। भक्ति संगीत के साथ नाचते-गाते श्रद्धालुओं ने जयकारों के बीच भगवान की महिमा का गुणगान किया। यह शोभायात्रा समाज के एकता और समर्पण का प्रतीक बनी।​

भक्ताम्बर पाठ और दीप प्रज्वलन

शाम को भगवान आदिनाथ जन्मोत्सव पर श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर में 48 दीपकों के साथ भक्ताम्बर पाठ का आयोजन किया गया। दीपों की रोशनी और भक्ताम्बर स्तोत्र के मधुर स्वर ने वातावरण को आध्यात्मिकता से परिपूर्ण कर दिया।​

समाज के गणमान्य व्यक्तियों की सहभागिता

इस महोत्सव में महावीर दिगंबर जैन सेवा समिति, त्रिशला महिला मंडल, ज्ञानवान महिला मंडल सहित समाज के अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। इनमें विनोद गोधा, नरेन्द्र गदिया, सुरेन्द्र जैन, निर्मल सरावगी, भागचंद जैन, पंकज बड़जात्या, नेमिचंद गोधा, राकेश झांझरी, प्रकाश गंगवाल, राजकुमार बड़जात्या, नवीन काला, सोमेश ढग, पदम सरावगी, वर्धमान जैन, अशोक छाबड़ा, माणक सरावगी और विमल वेद प्रमुख थे। इनकी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा में चार चांद लगाए।

रिपोर्ट - पंकज पोरवाल, भीलवाड़ा।


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