सांस्कृतिक रंग में रंगा भीलवाड़ा: पूर्वांचल जन चेतना समिति ने मनाया बिहार दिवस
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-26 05:37:58
भीलवाड़ा में पूर्वांचल जन चेतना समिति चेरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक रजनीश वर्मा के निर्देशानुसार, सभी पूर्वांचल के प्रबुद्धजनों के सानिध्य में बिहार दिवस का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आजाद नगर स्थित सुखवॉल भवन में आयोजित हुआ, जिसमें बिहार के प्रमुख लोक नृत्य 'झिझिया' और मैथिली संगीत की भावभीनी प्रस्तुतियाँ स्थानीय कलाकारों द्वारा दी गईं।
पूर्वांचल निवासियों की सांस्कृतिक एकता
भीलवाड़ा में बड़ी संख्या में पूर्वांचल के निवासी, जैसे बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, बंगाल आदि राज्यों से आकर बसे हैं। ये सभी अपनी सभ्यता और संस्कृति से जुड़े हुए हैं। इस कार्यक्रम में श्रीमती इंद्रा सोनी, अनिल मेहता, कमलेश झा, सतीश पाठक, आरएसडब्ल्यूएम से लोकेंद्र पांडेया, चेतन नेगी, शिल्पी झा आदि गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
कार्यक्रम की विशेषताएँ
कार्यक्रम प्रभारी मणि एजुकेशनल सोसाइटी भीलवाड़ा की सचिव अनुराधा झा ने बताया कि यह समस्त पूर्वांचल वासियों के लिए गर्व की बात है कि भीलवाड़ा में पूर्वांचल जन चेतना समिति चेरिटेबल ट्रस्ट के बैनर तले पहली बार बिहार दिवस मनाया गया। इस अवसर पर पूर्वांचल वासियों की समस्याओं और मांगों पर भी विचार-विमर्श किया गया तथा युवाओं को अपनी सभ्यता और संस्कृति से जागरूक रखने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और सम्मान समारोह
पूर्वांचल जन चेतना समिति ट्रस्ट और इएसएस वर्ल्ड के संयुक्त तत्वावधान में रंगारंग कार्यक्रम की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियाँ दी गईं। इएसएस वर्ल्ड के डायरेक्टर ऋषिराज ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी पूर्वांचल वासियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर गणमान्य एवं वरिष्ठ नागरिकों की मौजूदगी में समाज के लोगों तथा कार्यक्रम में सहभागिता करने वालों को मोमेंटो और दुशाला ओढ़ाकर 50 लोगों को सम्मानित किया गया।
संस्कृति और सभ्यता के प्रति जागरूकता
इस कार्यक्रम ने पूर्वांचल की समृद्ध संस्कृति और सभ्यता को भीलवाड़ा में प्रदर्शित किया। स्थानीय लोगों ने भी इस आयोजन की सराहना की और भविष्य में ऐसे और कार्यक्रमों की उम्मीद जताई। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने एकजुट होकर अपनी संस्कृति को संजोने और अगली पीढ़ी को इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
रिपोर्ट - पंकज पोरवाल, भीलवाड़ा।