-सुरक्षा कर्मियों की ”आत्म सशक्तिकरण से राष्ट्र सशक्तिकरण“ सकारात्मक सोच, ईश्वर का ध्यान व योग करने से तनावों व चिंताओं से मुक्ति


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-03-25 17:40:14



-सुरक्षा कर्मियों की ”आत्म सशक्तिकरण से राष्ट्र सशक्तिकरण“ सकारात्मक सोच, ईश्वर का ध्यान व योग करने से तनावों व चिंताओं से मुक्ति

 बीकानेर, 24 मार्च। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय माउंट आबू की राजयोग शिक्षा एवं अनुसंधान फाउंडेशन सुरक्षा सेवा शाखा की ओर से सोमवार को छावनी क्षेत्र व सीमा सुरक्षा बल परिसर में ”आत्म सशक्तिकरण से राष्ट्र सशक्तिकरण“ अभियान के तहत तनाव मुक्त जीवन पर कार्यशाला आयोजित की गई।

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के स्थानीय सेवा केन्द्र सार्दुल गंज की प्रभारी बी.के. कमल नेतृत्व में हुई कार्यशाला में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय माउंट आबू से सम्बद्ध राजयोग शिक्षा एवं अनुसंधान फाउंडेशन की सुरक्षा सेवा शाखा, मधुबन के प्रमुख वक्ता हेम सिंह भाई, पूना के दत्ता भाई, बालोतरा की अस्मिता दीदी, दिल्ली की प्रियंका दीदी, कमल भाई, हितेश भाई, शांतिवन के वीरेन्द्र भाई व कर्नल राम सिंह भाई ने तनाव मुक्त जीवन के विविध पहलुओं को सहजता के सरलता साथ अवगत करवाया।

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की संभागीय केन्द्र संचालिका बी.के.कमल ने बताया कि आत्म सशक्तिकरण से राष्ट्र सशक्तिकरण अभियान 16 से 30 मार्च, 2025 तक राजस्थान के विभिन्न स्थानों पर चलाया जा रहा है। अभियान के तहत की दो दिवसीय कार्यशाला बीकानेर में आयोजित की गई। कार्यशाला के दौरान पुलिस, सेना, अर्द्ध सैनिक बल, रेलवे पुलिस, सीमा सुरक्षा बल के जवानों से तनाव मुक्ति के संबंध में संवाद किया गया तथा उनकी जिज्ञासाओं के दूर किया गया।

बी.के.कमल सहित वक्ताओं ने कहा कि तनाव का कारण व्यक्ति की गलत विचारधारा, व नकारात्मक व सोच दृष्टिकोण, अपने आत्मबल में कमी और आत्म-परमात्म के प्रति अविश्वास है। वक्ताओं ने कहा कि भूतकाल व भविष्य की चिंता को छोड़कर वर्तमान को सुखमय व अच्छा बनाएं। सभी समस्याओं को एक साथ सुलझाने की बजाए एक-एक समस्या का शांति व धैर्य से समाधान करें। जिन परिस्थितियों को आप बदल नहीं सकते उसके बारे में चिंतन कर दुःखी नहीं बनें। परमात्मा का चिंतन करते हुए तथा स्वयं बदलने का प्रयास करें। ईर्ष्या, अहंकार, लोभ व मोह तथा मोबाइल के फालतू संदेशों व विचारों का त्याग करें। प्रतिदिन ईश्वर का ध्यान व योग करने से तनावों व चिंताओं से मुक्ति मिलती है, तन व मन स्वस्थ रहता है। इस अवसर पर बी.के.कमल ने संभागियों को सौगात भेंट की तथा नियमित राजयोग का अभ्यास करने की सलाह दी। बी.एस.एफ. के सैकेण्ड कमांडेंट प्रकाश सूरीन ने वक्ताओं का स्वागत किया।    

all photo Bsf 24-3-25


global news ADglobal news AD