श्रीलंकाई नौसेना द्वारा गिरफ्तार 11 भारतीय मछुआरों की रिहाई: चुकाए गए भारी जुर्माने
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-24 18:13:58

चेन्नई, तमिलनाडु: समुद्री सीमाओं का उल्लंघन करते हुए मछली पकड़ने के आरोप में श्रीलंकाई नौसेना द्वारा गिरफ्तार किए गए 11 भारतीय मछुआरों की रिहाई ने हाल ही में सुर्खियां बटोरी हैं। इन मछुआरों की गिरफ्तारी और रिहाई की पूरी कहानी जानने के लिए पढ़ें यह विशेष रिपोर्ट।
गिरफ्तारी की घटना:
तमिलनाडु के रामेश्वरम और थंगाचीमदम के 14 मछुआरों को श्रीलंकाई नौसेना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (IMBL) का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। ये मछुआरे दो नावों में सवार होकर मछली पकड़ रहे थे, जब वे अनजाने में श्रीलंकाई जलसीमा में प्रवेश कर गए। श्रीलंकाई अधिकारियों ने इन्हें पकड़कर कानूनी कार्यवाही के लिए मन्नार फिशरीज अधिकारियों को सौंप दिया था。
कूटनीतिक प्रयास और रिहाई:
भारत सरकार ने अपने मछुआरों की रिहाई के लिए त्वरित कूटनीतिक प्रयास शुरू किए। भारतीय दूतावास ने श्रीलंकाई अधिकारियों के साथ संपर्क स्थापित किया और मछुआरों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप, 11 मछुआरों को रिहा किया गया, जबकि शेष तीन मछुआरों की रिहाई के लिए प्रयास जारी हैं।
जुर्माना और कानूनी प्रक्रिया:
रिहा किए गए मछुआरों में से दो को श्रीलंकाई अदालत ने समुद्री सीमा उल्लंघन के आरोप में दोषी ठहराया और प्रत्येक पर 80,000 रुपये का जुर्माना लगाया। इस जुर्माने का भुगतान भारतीय दूतावास और तमिलनाडु सरकार के सहयोग से किया गया, जिससे उनकी रिहाई संभव हो सकी। अन्य मछुआरों को चेतावनी देकर रिहा किया गया।
स्वास्थ्य जांच और आपातकालीन दस्तावेज:
रिहाई के बाद, सभी मछुआरों की स्वास्थ्य जांच की गई ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे स्वस्थ हैं। इसके अलावा, उनके पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज जब्त होने के कारण, भारतीय दूतावास ने उन्हें आपातकालीन यात्रा दस्तावेज जारी किए, जिससे उनकी भारत वापसी सुनिश्चित हो सके।
घर वापसी:
सभी 11 मछुआरे चेन्नई हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहां उनके परिवार और स्थानीय अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। उनकी सुरक्षित वापसी से उनके परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई, जिन्होंने उनकी अनुपस्थिति में कठिन समय का सामना किया था।
स्थानीय प्रतिक्रिया:
रामेश्वरम मछुआरा संघ ने मछुआरों की गिरफ्तारी की निंदा की थी और उनकी रिहाई के लिए सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की थी। मछुआरों की सुरक्षित वापसी पर संघ ने सरकार के प्रयासों की सराहना की और भविष्य में ऐसे घटनाओं से बचने के लिए उचित कदम उठाने की अपील की।
सीमा विवाद और समाधान की आवश्यकता:
भारत और श्रीलंका के बीच समुद्री सीमा विवाद नया नहीं है। मछुआरे अक्सर बेहतर मछली पकड़ने के लिए सीमाओं का उल्लंघन कर बैठते हैं, जिससे ऐसी घटनाएं होती हैं। दोनों देशों के बीच इस मुद्दे के स्थायी समाधान के लिए उच्च स्तरीय वार्ता और समझौतों की आवश्यकता है, ताकि मछुआरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और उन्हें अपने परिवार से दूर न होना पड़े।
श्रीलंकाई नौसेना द्वारा गिरफ्तार 11 भारतीय मछुआरों की रिहाई कूटनीतिक प्रयासों की सफलता का प्रतीक है। हालांकि, यह घटना समुद्री सीमाओं के उल्लंघन के गंभीर परिणामों की याद दिलाती है। मछुआरों की सुरक्षा और आजीविका सुनिश्चित करने के लिए भारत और श्रीलंका को मिलकर काम करना होगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।