नागपुर दंगे: गिरफ्तारियों का सिलसिला जारी, 105 पर पहुंची संख्या, तीन नई FIR दर्ज!
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-24 05:23:45

नागपुर, महाराष्ट्र: हाल ही में नागपुर शहर में हुई हिंसक घटनाओं ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। शुक्रवार को अधिकारियों ने 14 और व्यक्तियों को गिरफ्तार किया, जिससे कुल गिरफ्तारियों की संख्या 105 हो गई है। इनमें 10 नाबालिग भी शामिल हैं।
दंगों की पृष्ठभूमि:
नागपुर में पिछले सप्ताह सांप्रदायिक तनाव के कारण हिंसा भड़क उठी थी। शहर के कुछ हिस्सों में दो समुदायों के बीच झड़पें हुईं, जिससे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा और कई लोग घायल हुए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कर्फ्यू और धारा 144 लागू करनी पड़ी।
गिरफ्तारियों का सिलसिला:
पुलिस ने दंगों में शामिल व्यक्तियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो और चश्मदीद गवाहों के बयानों का सहारा लिया। शुक्रवार को 14 और व्यक्तियों की गिरफ्तारी के साथ, कुल गिरफ्तारियों की संख्या 105 हो गई है। इनमें से 10 नाबालिग हैं, जिन्हें किशोर न्याय अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया है।
नई FIR दर्ज:
पुलिस ने दंगों से संबंधित तीन नई प्राथमिकी दर्ज की हैं, जिनमें हिंसा, आगजनी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप शामिल हैं। इन मामलों में आरोपियों की तलाश जारी है, और पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
प्रभावित क्षेत्र और सुरक्षा व्यवस्था:
दंगों से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र नागपुर के मध्य और पश्चिमी हिस्से हैं, जहां कर्फ्यू लागू किया गया था। हालांकि, स्थिति में सुधार के बाद कर्फ्यू हटा लिया गया है, लेकिन एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों की संयुक्त पेट्रोलिंग जारी है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
नाबालिगों की संलिप्तता:
दंगों में 10 नाबालिगों की गिरफ्तारी ने समाज में चिंता की लहर दौड़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं का इस प्रकार की हिंसक गतिविधियों में शामिल होना गंभीर मुद्दा है, जिसे संबोधित करने की आवश्यकता है। सामाजिक संगठनों ने युवाओं को सही दिशा में मार्गदर्शन देने के लिए विशेष कार्यक्रम शुरू करने की मांग की है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया:
नागपुर के पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है, और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने जनता से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी घटना की निंदा की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं:
विपक्षी दलों ने सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता नाना पटोले ने कहा कि सरकार नागपुर में शांति बनाए रखने में विफल रही है। वहीं, भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
सामाजिक संगठनों की पहल:
कई सामाजिक संगठनों ने शांति मार्च का आयोजन किया है और लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और मुआवजे की प्रक्रिया तेज करने की मांग की है।
आगे की राह:
नागपुर में हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन के सामने चुनौती है कि वह भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए। सामुदायिक संवाद, युवाओं के लिए रोजगार और शिक्षा के अवसर बढ़ाना, और सांप्रदायिक सौहार्द को बढ़ावा देना इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकते हैं।