540 भारतीय साइबर गुलामी से मुक्त! राजस्थान के 29 युवाओं की दर्दनाक दास्तान
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-23 08:58:21

ऊँचे वेतन और विदेशी नौकरी का सपना दिखाकर युवाओं को साइबर अपराध की दुनिया में धकेला जा रहा है। राजस्थान के 29 युवक इस भयावह जाल में फंस चुके थे, लेकिन सरकार की तत्परता से उन्हें सुरक्षित वापस लाया गया। आखिर कैसे इन युवाओं को ठगों ने बंधक बनाया? क्या करवाई जाती थी उनसे जबरन साइबर ठगी? यह रिपोर्ट आपके होश उड़ा देगी!
आईटी नौकरी के नाम पर साइबर गुलामी का खेल
विदेश में सुनहरे भविष्य का सपना संजोए हजारों भारतीय युवा म्यांमार, थाईलैंड, कंबोडिया और लाओस की ओर रुख करते हैं। लेकिन हाल ही में खुलासा हुआ कि इन देशों में उन्हें साइबर ठगी के लिए बंधक बना लिया जाता है। राजस्थान के 29 युवाओं को इसी भयानक जाल में फंसा दिया गया था। यह मामला तब सामने आया जब भारतीय एजेंसियों ने इन देशों में ऑपरेशन चलाकर 540 भारतीयों को मुक्त कराया। इनमें डीडवाना के 8 युवक भी शामिल थे।
डीडवाना के युवाओं को किस तरह फंसाया गया?
डीडवाना कुचामन एसपी हनुमान प्रसाद मीणा ने बताया कि राजस्थान के विभिन्न जिलों के युवा विदेशों में नौकरी की तलाश में जाते हैं। इसी दौरान उन्हें लोकल एजेंट्स द्वारा आईटी सेक्टर में आकर्षक पैकेज का लालच दिया गया। इन दलालों ने उन्हें ऊँचे वेतन, मुफ्त वीजा और हवाई टिकट का झांसा दिया, लेकिन असल में वे उन्हें साइबर ठगी के बड़े गिरोहों के हवाले कर रहे थे।
म्यांमार के साइबर स्कैम सेंटरों में बंधक बनाए गए युवक
डीडवाना के एक पीड़ित युवक ने बताया कि उसे ग्राहक सेवा (कस्टमर सर्विस) की जॉब का झांसा देकर पहले थाईलैंड और फिर म्यांमार भेजा गया। वहां एक कंपनी के बॉर्डर पर शिफ्ट करने के नाम पर उसे जबरन साइबर ठगों के अड्डे पर बंधक बना लिया गया। इन स्कैम सेंटरों के चारों ओर सशस्त्र गार्ड और आर्मी तैनात रहती थी, जिससे कोई भी वहां से भाग नहीं सकता था।
साइबर ठगी की ट्रेनिंग और अमानवीय यातनाएँ
बंधक बनाए गए युवाओं को 70 से 80 हजार रुपये प्रति माह की सैलरी का लालच देकर साइबर ठगी की ट्रेनिंग दी गई। उन्हें यूरोपीय और अमेरिकी नागरिकों को ठगने के लिए मजबूर किया जाता था। वे दिन-रात फर्जी कॉल करते थे, फर्जी बैंकिंग साइट्स चलाते थे और मासूम लोगों से पैसा ऐंठते थे। विरोध करने पर उन्हें भूखा रखा जाता, अंधेरे कमरों में बंद कर दिया जाता, या फिर पीटा जाता था।
540 भारतीयों की वापसी: राजस्थान के 29 युवक भी सुरक्षित लौटे
हाल ही में भारत सरकार ने इन स्कैम सेंटर्स पर दबाव बनाकर 540 भारतीय नागरिकों को मुक्त करवाया। इनमें से 283 नागरिकों को भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से 10 मार्च 2025 को थाईलैंड के माई सोट से स्वदेश लाया गया। इनमें राजस्थान के 29 और डीडवाना जिले के 8 युवक शामिल थे।
परिवारों की खुशी, लेकिन क्या यह खत्म हो गया?
जब ये युवक अपने घर लौटे, तो उनके परिवारों ने राहत की सांस ली। लेकिन यह सवाल बना हुआ है कि ऐसे रैकेट कब तक चलेंगे? सरकार और जांच एजेंसियाँ अब इस मामले में स्थानीय दलालों और अंतरराष्ट्रीय रैकेट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रही हैं।
एनआईए की बड़ी कार्रवाई, दिल्ली से भी जुड़े तार!
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इस रैकेट से जुड़े कई लोगों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। हाल ही में दिल्ली के जामिया नगर में एक आरोपी के घर पर छापा मारा गया, जो भारतीय युवाओं को लाओस पीडीआर के 'गोल्डन ट्रायंगल' क्षेत्र में साइबर क्राइम में धकेलने का काम कर रहा था। छापे के दौरान मोबाइल फोन, डेबिट कार्ड, पासबुक और चेकबुक समेत कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए।
विदेश जाने से पहले रहें सतर्क!
यह घटना हमें एक गंभीर चेतावनी देती है कि विदेश में नौकरी के प्रस्ताव को आंख मूंदकर स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। किसी भी जॉब ऑफर को स्वीकार करने से पहले उसके वीजा, कंपनी के वैध दस्तावेज और एजेंट की विश्वसनीयता की पूरी जांच कर लें।