अजनाला कांड: अमृतपाल के सहयोगियों की गिरफ्तारी से पंजाब में सनसनी
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-23 07:18:25

पंजाब में हाल ही में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है जिसने राज्य की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था को हिला कर रख दिया है। असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद सांसद अमृतपाल सिंह के सात सहयोगियों को पंजाब लाया गया है। यह कदम अजनाला पुलिस स्टेशन पर हुए हमले के मामले में उठाया गया है, जिसने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है।
असम से पंजाब लाए गए अमृतपाल के सहयोगी
अमृतपाल सिंह, जो 'वारिस पंजाब दे' संगठन के प्रमुख हैं, के सात सहयोगी—बसंत सिंह, भगवंत सिंह बाजेखाना, गुरमीत सिंह बुक्कनवाल, दलजीत सिंह कलसी, गुरिंदरपाल सिंह गुरी औजला, हरजीत सिंह और कुलवंत सिंह धालीवाल—को असम की डिब्रूगढ़ जेल से पंजाब लाया गया है। ये सभी 2023 में अजनाला पुलिस स्टेशन पर हुए हमले के आरोपी हैं। पंजाब सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत इनकी हिरासत अवधि को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया, जिसके बाद इन्हें पंजाब लाया गया है।
अजनाला पुलिस स्टेशन हमला: एक नजर
23 फरवरी 2023 को अमृतपाल सिंह के नेतृत्व में घातक हथियारों से लैस लगभग 200-250 लोगों की भीड़ ने अजनाला पुलिस स्टेशन पर हमला किया था। उनका उद्देश्य अपने एक सहयोगी, लवप्रीत सिंह उर्फ तूफान, को पुलिस हिरासत से छुड़ाना था, जिस पर अपहरण का आरोप था। इस हमले ने पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली और राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।
पंजाब पुलिस की त्वरित कार्रवाई
एनएसए के तहत हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद, पंजाब पुलिस ने इन सातों सहयोगियों को असम से पंजाब लाने की प्रक्रिया शुरू की। पंजाब पुलिस की 25 सदस्यीय टीम डिब्रूगढ़ में मौजूद थी ताकि इन आरोपियों को सुरक्षित पंजाब लाया जा सके।
कानूनी प्रक्रिया और आगे की जांच
पंजाब लाए जाने के बाद, इन सातों को अजनाला कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस इनकी रिमांड की मांग करेगी ताकि मामले की गहराई से जांच की जा सके। पुलिस उप महानिरीक्षक (बॉर्डर रेंज अमृतसर) सतिंदर सिंह ने कहा कि अजनाला पुलिस स्टेशन पर हमले की घटना की जांच आगे बढ़ाई जाएगी।
अमृतपाल सिंह की वर्तमान स्थिति
अमृतपाल सिंह, जो खडूर साहिब से निर्दलीय सांसद हैं, फिलहाल एनएसए के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं। उनकी हिरासत अवधि भी समाप्त होने वाली है, लेकिन पंजाब सरकार ने अभी तक उनकी हिरासत के संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया है।
अजनाला पुलिस स्टेशन पर हमला और उसके बाद की घटनाएं पंजाब की कानून व्यवस्था और सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती रही हैं। अमृतपाल सिंह और उनके सहयोगियों की गिरफ्तारी और उन पर चल रही कानूनी प्रक्रिया से यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी महत्वपूर्ण विकास हो सकते हैं, जिन पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।