लातूर में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 116.14 किलोग्राम गांजा जब्त, तीन तस्कर गिरफ्तार
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-22 14:55:10

महाराष्ट्र के लातूर जिले में ओसा पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 116.14 किलोग्राम गांजा जब्त किया है, जिसकी कीमत ₹15.81 लाख आंकी गई है। इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, और एक स्कॉर्पियो कार भी बरामद की गई है।
गुप्त सूचना पर कार्रवाई:
ओसा पुलिस स्टेशन के निरीक्षक सुनील रेजितवाड़ के नेतृत्व में पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि एक गिरोह गांजा की बड़ी खेप के साथ लातूर से गुजरने वाला है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की योजना बनाई और संदिग्ध वाहन की तलाश शुरू की।
तस्करों की गिरफ्तारी और गांजा की बरामदगी:
पुलिस ने संदिग्ध स्कॉर्पियो कार को रोका और तलाशी लेने पर उसमें से 116.14 किलोग्राम गांजा बरामद किया। इस गांजे की बाजार में अनुमानित कीमत ₹15.81 लाख है। कार में सवार तीन व्यक्तियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ये आरोपी एक संगठित गिरोह का हिस्सा हैं, जो महाराष्ट्र और आसपास के राज्यों में मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त है।
तस्करी के नेटवर्क की जांच:
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है, ताकि इस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क के बारे में जानकारी हासिल की जा सके। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गांजे की सप्लाई कहां की जानी थी और इसके पीछे कौन-कौन से लोग शामिल हैं।
मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस की मुहिम:
लातूर पुलिस की यह कार्रवाई मादक पदार्थों के खिलाफ चल रही व्यापक मुहिम का हिस्सा है। हाल के दिनों में महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में पुलिस ने कई बड़ी कार्रवाइयां की हैं, जिनमें गांजा और अन्य मादक पदार्थों की बड़ी खेपें जब्त की गई हैं। उदाहरण के लिए, कल्याण में पुलिस ने 12.4 किलोग्राम गांजा के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया था, जो बीड जिले का निवासी था और होली के दौरान गांजा बेचने के लिए कल्याण आया था। इसी तरह, भरतपुर पुलिस ने एक ट्रक से 600 किलोग्राम गांजा जब्त किया था, जिसकी कीमत लगभग एक करोड़ रुपये थी।
सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता:
मादक पदार्थों की तस्करी और उनके उपयोग से समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। युवाओं में नशे की लत बढ़ने से उनके भविष्य पर बुरा असर पड़ता है, साथ ही अपराध दर में भी वृद्धि होती है। इसलिए, समाज के सभी वर्गों को मिलकर मादक पदार्थों के खिलाफ जागरूकता फैलानी चाहिए और पुलिस के साथ सहयोग करना चाहिए।
लातूर पुलिस की इस कार्रवाई ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक मजबूत संदेश दिया है। यह आवश्यक है कि ऐसे अपराधों को रोकने के लिए पुलिस और समाज मिलकर काम करें, ताकि हमारे युवा सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की ओर बढ़ सकें। पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से निश्चित रूप से मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगेगा, लेकिन इसके लिए निरंतर प्रयास और सामाजिक सहयोग की आवश्यकता है।