पिपराइच में कामकाजी महिलाओं के लिए विशेष सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-03-21 21:01:40



 

गोरखपुर के पिपराइच क्षेत्र में हाल ही में एक ऐसा कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसने कामकाजी महिलाओं को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस कार्यक्रम ने महिलाओं को न केवल सुरक्षित वाहन संचालन के गुर सिखाए, बल्कि उन्हें प्राथमिक चिकित्सा के महत्व से भी अवगत कराया।

कार्यक्रम का उद्देश्य

पिपराइच के सीएचसी सभागार में आयोजित इस जागरूकता प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य कामकाजी महिलाओं को सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों और दोपहिया वाहन संचालन के प्रति जागरूक करना था। इसके साथ ही, उन्हें मेडिकल किट के सही उपयोग की जानकारी देकर आपातकालीन स्थितियों में तत्परता से कार्य करने के लिए सशक्त बनाना था।

पुरुषोत्तम आनंद सिंह का संबोधन

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, पिपराइच थाना प्रभारी पुरुषोत्तम आनंद सिंह ने नेशनल जर्नलिस्ट एसोसिएशन टीम को बधाई देते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए कानून का पालन आवश्यक है। उन्होंने हेलमेट के उपयोग पर जोर देते हुए बताया कि यह आपकी सुरक्षित यात्रा और जीवन के लिए अनिवार्य है। पुलिस की छोटी-छोटी सख्ती आपके स्वस्थ और सुरक्षित यात्रा के लिए होती है। सड़क पर यात्रा करते समय ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी और पॉल्यूशन सर्टिफिकेट साथ रखना चाहिए। हर जिम्मेदार नागरिक को अपनी सुरक्षा के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा और जागरूकता में सहयोग करना चाहिए, जिससे सभी के परिवार सुरक्षित रहें।

महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता

महिला पुलिस अधिकारी दीपिका श्रीराम अवध ने बताया कि रात दस बजे से सुबह छह बजे तक, यदि महिलाएं 100 या 112 नंबर पर फोन करके अपनी जानकारी देती हैं, तो पुलिस उन्हें जरूरत पड़ने पर घर तक पहुंचा सकती है। महिला सुरक्षा के लिए 1090 और 1076 पर भी कभी भी फोन करके घरेलू हिंसा और अन्य घटनाओं के होने पर संपर्क किया जा सकता है।

प्राथमिक चिकित्सा का महत्व

स्टाफ नर्स भावना जेम्स ने फर्स्ट एड की जानकारी के साथ ही पट्टी बांधने की तकनीक को सिखाया और समझाया। उन्होंने बताया कि छोटी-छोटी सावधानियां और दवाओं की जानकारी हमें बड़े नुकसान से बचा सकती हैं। सड़क पर चोटिल अवस्था में मिलने वाले व्यक्तियों के लिए प्राथमिक चिकित्सा का ज्ञान जीवनदायिनी साबित हो सकता है।

डिजिटल सखी परियोजना की भूमिका

डिजिटल सखी परियोजना की जॉइंट प्रोग्राम कॉर्डिनेटर गीता कौर ने अतिथियों का स्वागत डिजिटल सखियों द्वारा बैच लगाकर करवाया। उन्होंने महिलाओं के अधिकार और कर्तव्यों को समझाते हुए आए हुए अतिथियों का धन्यवाद किया। इस कार्यक्रम में विभिन्न गांवों से आईं डिजिटल सखियों ने भाग लिया, जिनमें सारंडा से अंजनी विश्वकर्मा, आराजी बनकट से कंचन, नथुआ से गीता देवी, उनौला दोयम से रंजना यादव, सोनवे गुनाराह से सुधा देवी, नईयापार से मीना देवी, चिलबिलवा से अनीता यादव, रूद्रपुर से नादरा, कोनी से मेनिका पासवान, उसका से मेनका सिंह, महुआ खुर्द से आशा, गौरा से सुनीता देवी, लुहसी से शीला देवी, इस्लामपुर से गायत्री सिंह, हेमधापुर से पूजा मिश्रा सहित विभिन्न उद्यमी महिलाएं शामिल रहीं।

कार्यक्रम का समापन

एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव एवं अधिवक्ता कुमुद रंजन सिंह ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों को धन्यवाद देते हुए, कार्यक्रम में बताई गई जानकारी को आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।

यह कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि महिलाएं न केवल घर और कार्यस्थल पर बल्कि सड़क सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता और प्रशिक्षण से वे न केवल स्वयं सुरक्षित रहेंगी बल्कि समाज में भी सुरक्षा का संदेश फैलाएंगी। पिपराइच, गोरखपुर में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कामकाजी महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों और मेडिकल किट के उपयोग की जानकारी से लैस ये महिलाएं अब अधिक आत्मविश्वास के साथ सड़क पर उतर सकेंगी। इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में सुरक्षा और जागरूकता के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


global news ADglobal news AD