राजस्थान नर्सेस यूनियन ने पुलिसकर्मियों की मांगों के समर्थन में उठाई आवाज
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-21 20:56:42

राजस्थान में होली का त्यौहार पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है, लेकिन इस वर्ष पुलिसकर्मियों के चेहरों पर मुस्कान की कमी रही। उनकी विभिन्न मांगों को सरकार द्वारा अनदेखा किया गया, जिससे वे इस पर्व का आनंद नहीं ले सके। इस स्थिति को देखते हुए, राजस्थान नर्सेस यूनियन भीलवाड़ा ने पुलिसकर्मियों की मांगों के समर्थन में कदम बढ़ाया।
नर्सेस यूनियन का ज्ञापन: पुलिसकर्मियों के हित में आवाज
राजस्थान नर्सेस यूनियन भीलवाड़ा के जिलाध्यक्ष लक्की ब्यावट के नेतृत्व में यूनियन के पदाधिकारियों ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में पुलिसकर्मियों की विभागीय पदोन्नति, वेतन विसंगतियां, साप्ताहिक अवकाश, जोखिम भत्ता, वर्दी भत्ता, मैस भत्ता सहित अन्य मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की अपील की गई।
समाज की मजबूत कड़ी: पुलिसकर्मियों के प्रति यूनियन की संवेदनशीलता
कार्यकारी ग्रामीण जिलाध्यक्ष अमित व्यास ने कहा कि पुलिस हमारे समाज की मजबूत कड़ी है, जो हमारे त्यौहारों को सुरक्षित और खुशहाल बनाते हैं। आज जब उनकी जायज मांगों को सरकार द्वारा अनदेखा किया जा रहा है, तो यह हमारे समाज के लिए चिंता का विषय है। यूनियन के वरिष्ठ नेता शंकर पायक, मेडिकल कॉलेज अध्यक्ष निरंजन चंपावत, यूनियन प्रवक्ता गिरिराज लढ़ा, उपाध्यक्ष करणसिंह सिसोदिया, अंकित काबरा, कुलदीप, ललित जीनगर, दिनेश खटीक समेत कई नर्सेस अधिकारी इस ज्ञापन सौंपने के दौरान उपस्थित रहे।
नर्सिंग समुदाय की एकजुटता: अन्य जिलों में भी प्रदर्शन
भीलवाड़ा के अलावा, राजस्थान के अन्य जिलों में भी नर्सिंग समुदाय ने अपनी मांगों और पुलिसकर्मियों के समर्थन में प्रदर्शन किए हैं।
सरकार से अपेक्षाएं: मांगों की पूर्ति की आशा
नर्सेस यूनियन और पुलिसकर्मियों की संयुक्त मांगों को देखते हुए, यह आवश्यक है कि सरकार जल्द से जल्द इन पर विचार करे और उचित कदम उठाए। समाज की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में इन दोनों वर्गों का महत्वपूर्ण योगदान है, और उनकी मांगों की पूर्ति से ही वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन और भी बेहतर तरीके से कर सकेंगे।
एकजुटता की मिसाल
राजस्थान नर्सेस यूनियन भीलवाड़ा द्वारा पुलिसकर्मियों की मांगों के समर्थन में किया गया यह कदम समाज में एकजुटता और परस्पर सहयोग की मिसाल प्रस्तुत करता है। यह दिखाता है कि जब समाज के विभिन्न वर्ग एक-दूसरे के समर्थन में खड़े होते हैं, तो वे मिलकर किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं।