भीलवाड़ा में गणगौर उत्सव की धूम, महिलाओं ने बिखेरा राजस्थानी संस्कृति का रंग


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-03-21 20:51:00



 

भीलवाड़ा के रामेश्वरम भवन में होली के अवसर पर मरूधरा माहेश्वरी संस्थान द्वारा आयोजित गणगौर उत्सव में जब महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में रंग-बिरंगे नृत्यों की प्रस्तुति दी, तो समूचा माहौल राजस्थानी संस्कृति के रंग में रंग गया। इस आयोजन ने न केवल लोकसंस्कृति को जीवंत किया, बल्कि समाज की महिलाओं की प्रतिभा को भी मंच प्रदान किया।

गणगौर उत्सव में महिलाओं की उमंग और उत्साह

मरूधरा माहेश्वरी महिला मंडल द्वारा आयोजित इस गणगौर उत्सव में महिलाओं और युवतियों ने पारंपरिक राजस्थानी परिधानों में सज-धज कर हिस्सा लिया। उन्होंने 'खेलन दो म्हाने गणगौर भंवरजी', 'होलियां में उड़े रे गुलाल' जैसे गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया। 

डांस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों की प्रतिभा का प्रदर्शन

आयोजन के दौरान डांस प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने गणगौर रेट्रो, गणगौर बॉलीवुड और गणगौर राजस्थानी थीम पर नृत्य प्रस्तुत किए। इस प्रतियोगिता में रितिका चांडक एंड ग्रुप ने प्रथम स्थान, इशिता झंवर एंड ग्रुप ने द्वितीय स्थान और श्रुति बाहेती एंड ग्रुप ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 

मिसेज गणगौर प्रतियोगिता में सीनियर महिलाओं का जलवा

50 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए आयोजित मिसेज गणगौर प्रतियोगिता विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इसमें सोलह श्रृंगार कर पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने रैंप पर वॉक किया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में सीमा जेठा ने प्रथम, सुनीता डागा ने द्वितीय और राजू लखानी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 

लोकगायकों की प्रस्तुति पर झूमे श्रोता

शाम के सत्र में शेखावाटी से आए प्रसिद्ध लोकगायक बाबूलाल डागा और नारायण कलाणी ने चंग की थाप पर होली के गीत प्रस्तुत किए, जिससे समूचा वातावरण संगीतमय हो उठा और श्रोता झूमने पर मजबूर हो गए। 

आयोजन की सफलता में संस्थान के सदस्यों का योगदान

इस सफल आयोजन के पीछे मरूधरा माहेश्वरी संस्थान के अध्यक्ष शांतिप्रकाश मोहता, महिला मंडल की अध्यक्ष शीतल चांडक, महासचिव संगीता बाहेती सहित अन्य सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनकी सक्रिय सहभागिता और समर्पण से यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। 

मरूधरा माहेश्वरी संस्थान द्वारा आयोजित इस होली स्नेह मिलन और गणगौर उत्सव ने भीलवाड़ा में राजस्थानी संस्कृति की जीवंतता को प्रदर्शित किया। महिलाओं और युवतियों की सक्रिय सहभागिता ने इस आयोजन को विशेष बना दिया, जो समाज में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की महत्ता को रेखांकित करता है।

रिपोर्ट - पंकज पोरवाल, भीलवाड़ा।


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