भीलवाड़ा में सांवलिया सेठ मंदिर ट्रस्ट का गठन: 15 प्रमुख सदस्य शामिल
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-21 20:42:54

भीलवाड़ा जिले के नौगांवा स्थित माधव गौशाला में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सांवलिया सेठ मंदिर के संचालन के लिए एक नए ट्रस्ट का गठन किया गया है। इस कदम से मंदिर की व्यवस्थाओं में और अधिक पारदर्शिता और सुव्यवस्था की उम्मीद की जा रही है।
ट्रस्ट गठन की पृष्ठभूमि
परम पूज्य माधव गो विज्ञान अनुसंधान संस्थान द्वारा संचालित माधव गौशाला के संस्थापक एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक सुरेश भाई ने गुरुवार को गौशाला परिसर में आयोजित एक बैठक में इस नए ट्रस्ट की स्थापना की घोषणा की। इस ट्रस्ट का नाम 'श्री सांवलिया सेठ मंदिर ट्रस्ट नौगांवा भीलवाड़ा' रखा गया है।
ट्रस्ट के सदस्य
नए ट्रस्ट में 15 सदस्यों को शामिल किया गया है, जो मंदिर के संचालन और विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इन सदस्यों में शामिल हैं:
डीपी अग्रवाल, सत्य प्रकाश गग्गड, हेमंत शर्मा, गोविंद प्रसाद सोडाणी, कैलाश डाड, कमल कंदोई, अशोक बाहेती, राधेश्याम सोमानी, पूर्व पार्षद चंद्र प्रकाश आगाल, भंवरलाल दरग, गिरिराज काबरा, सुनील नवाल, मीनाक्षी अजमेरा, श्रवण सेन, मनीष बहेड़िया
ट्रस्ट का पंजीकरण
गोविंद प्रसाद सोडाणी ने जानकारी दी कि इस ट्रस्ट का पंजीकरण प्रक्रिया में है, जिससे यह एक आधिकारिक संस्था के रूप में कार्य कर सकेगा।
आगामी आयोजन: फूलों की होली
मंदिर में 21 मार्च शुक्रवार को ठाकुरजी के साथ फूलों से होली खेलने का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होगा और सांवलिया सेठ के प्रति उनकी श्रद्धा को और प्रगाढ़ करेगा।
माधव गौशाला की पूर्व बैठकें
यह उल्लेखनीय है कि माधव गौशाला में समय-समय पर महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित होती रही हैं। सितंबर 2022 में भी एक बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें सांवलिया सेठ मंदिर के पाटोत्सव को धूमधाम से मनाने पर चर्चा हुई थी। उस समय संस्थान के अध्यक्ष राजकुमार बम्ब की अध्यक्षता में हुई बैठक में मंदिर के पाटोत्सव की थीम 'सांवलिया सेठ पधारे आपके द्वार' रखी गई थी, जिसके तहत भक्तों द्वारा घर-घर जाकर पूजा-अर्चना की योजना बनाई गई थी।
सांवलिया सेठ मंदिर का महत्व
नौगांवा स्थित माधव गौशाला में सांवलिया सेठ मंदिर भक्तों के लिए एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यहां नियमित रूप से धार्मिक आयोजनों का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं। फाल्गुन मेले जैसे आयोजनों में सांवलिया सेठ का पूजन, अभिषेक और छप्पन भोग की झांकी सजाई जाती है, जो भक्तों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र होती है।
श्री सांवलिया सेठ मंदिर ट्रस्ट का गठन मंदिर की व्यवस्थाओं में सुधार और भक्तों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण कदम है। नए ट्रस्ट के सदस्य मंदिर के संचालन में अपनी विशेषज्ञता और अनुभव का उपयोग करेंगे, जिससे मंदिर की गतिविधियों में और अधिक पारदर्शिता और सुव्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी। आगामी फूलों की होली का आयोजन भक्तों के लिए एक विशेष अवसर होगा, जिसमें वे सांवलिया सेठ के साथ अपनी श्रद्धा और भक्ति प्रकट कर सकेंगे।