एसएमएस स्टेडियम में सुरक्षा चूक! अभ्यास मैच में घुसा आवारा कुत्ता, खिलाड़ियों की सुरक्षा पर खतरा
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-21 20:36:27

राजस्थान की राजधानी जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में एक चौंकाने वाली घटना घटी, जिसने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजस्थान रॉयल्स के अभ्यास मैच के दौरान एक आवारा कुत्ता मैदान में घुस आया, जिससे खिलाड़ियों और दर्शकों में हड़कंप मच गया। यह घटना स्टेडियम की सुरक्षा और नगर निगम की लापरवाही को उजागर करती है।
अभ्यास मैच के दौरान हुई घटना
रविवार को राजस्थान रॉयल्स के खिलाड़ी एसएमएस स्टेडियम में अभ्यास कर रहे थे। टीम के मेंटर और पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ भी मैदान में मौजूद थे। इसी दौरान एक आवारा कुत्ता स्टेडियम में घुस आया और मैदान में दौड़ने लगा। खिलाड़ियों ने पहले तो स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन कुत्ता करीब 30 सेकंड तक मैदान में इधर-उधर भागता रहा और फिर स्टेडियम से बाहर निकल गया। इस दौरान मैच कुछ देर के लिए बाधित भी हुआ।
खिलाड़ियों की सुरक्षा पर सवाल
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि अगर कुत्ते ने किसी खिलाड़ी पर हमला कर दिया होता तो कौन जिम्मेदार होता? क्रिकेट खिलाड़ी लगातार फिटनेस और चोटों से बचने के लिए मेहनत करते हैं। अगर कुत्ते के काटने या हमले से कोई खिलाड़ी घायल हो जाता तो यह उनके करियर के लिए बड़ा झटका हो सकता था। इस तरह की घटनाएं आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट की तैयारियों पर भी असर डाल सकती हैं।
नगर निगम की बड़ी लापरवाही
जयपुर नगर निगम को शहर की सफाई और सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है, लेकिन यह घटना उनकी नाकामी को दर्शाती है। हर साल नगर निगम को आवारा कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए भारी बजट दिया जाता है, बावजूद इसके शहर में कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जब राजधानी के सबसे महत्वपूर्ण स्टेडियम में इस तरह की घटनाएं हो सकती हैं, तो शहर के अन्य हिस्सों में सुरक्षा की स्थिति क्या होगी, यह सोचने वाली बात है।
स्टेडियम की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
एसएमएस स्टेडियम एक महत्वपूर्ण खेल परिसर है, जहां अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के मैच खेले जाते हैं। इस घटना ने स्टेडियम की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि सुरक्षा इतनी कमजोर है कि कोई भी आवारा जानवर मैदान में प्रवेश कर सकता है, तो अन्य खतरों की भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
जयपुर की छवि पर असर
जयपुर एक ऐतिहासिक और पर्यटन स्थल के रूप में दुनियाभर में प्रसिद्ध है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखे जाने वाले आयोजनों में इस तरह की घटनाएं होती हैं, तो यह शहर की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाती हैं। नगर निगम और प्रशासन को इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
नगर निगम को तुरंत एक्शन लेना होगा
अब यह देखना होगा कि इस घटना के बाद जयपुर नगर निगम क्या कदम उठाता है। क्या यह मामला भी अन्य मुद्दों की तरह फाइलों में दब जाएगा, या फिर नगर निगम इस पर गंभीरता से ध्यान देगा? शहर में आवारा कुत्तों के कारण पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें बच्चों और बुजुर्गों को गंभीर चोटें आई हैं। यदि जल्द ही समाधान नहीं निकला, तो यह केवल खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे शहर के नागरिकों के लिए भी एक बड़ा खतरा बन सकता है।
क्या प्रशासन अब जागेगा?
इस घटना ने प्रशासन के लिए एक चेतावनी का काम किया है। अब यह प्रशासन और नगर निगम पर निर्भर करता है कि वे इसे कितनी गंभीरता से लेते हैं। अगर समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में इससे भी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं। जयपुर प्रशासन और नगर निगम को मिलकर आवारा कुत्तों की समस्या को हल करने और स्टेडियम की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।