ADR रिपोर्ट: भारतीय विधानसभाओं में अपराधियों की भरमार, महिला अपराधों में भी वृद्धि


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-03-21 20:29:26



 

भारतीय लोकतंत्र की नींव माने जाने वाले विधायकों की आपराधिक पृष्ठभूमि पर एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की ताजा रिपोर्ट ने गंभीर चिंताएं उत्पन्न की हैं। देशभर के 28 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं के 4,092 विधायकों के हलफनामों के विश्लेषण से यह सामने आया है कि 45% विधायक आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं, जिनमें से 29% पर गंभीर आपराधिक आरोप हैं। 

आपराधिक मामलों का विस्तृत विश्लेषण

ADR की रिपोर्ट के अनुसार, 1,861 विधायकों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं, जबकि 1,205 विधायकों पर गंभीर आपराधिक आरोप हैं। इन गंभीर मामलों में हत्या, हत्या का प्रयास, अपहरण और महिलाओं के खिलाफ अपराध शामिल हैं। 

हत्या के आरोप: 54 विधायकों पर हत्या के आरोप हैं।

हत्या के प्रयास के आरोप: 226 विधायकों पर हत्या के प्रयास के मामले दर्ज हैं।

महिलाओं के खिलाफ अपराध: 127 विधायकों ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों से संबंधित मामलों की घोषणा की है, जिनमें 13 पर बलात्कार के आरोप हैं।

राज्यों के अनुसार आपराधिक मामलों की स्थिति

विभिन्न राज्यों में विधायकों की आपराधिक पृष्ठभूमि की स्थिति चिंताजनक है:

आंध्र प्रदेश: 138 में से 79% विधायकों ने आपराधिक मामले घोषित किए हैं।

केरल: 69% विधायकों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

तेलंगाना: 69% विधायकों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं।

बिहार: 66% विधायकों पर आपराधिक मामले हैं।

महाराष्ट्र: 65% विधायकों ने आपराधिक मामलों की घोषणा की है।

तमिलनाडु: 59% विधायकों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

गंभीर आपराधिक मामलों में भी आंध्र प्रदेश शीर्ष पर है, जहां 56% विधायक ऐसे मामलों का सामना कर रहे हैं। 

राजनीतिक दलों के अनुसार आपराधिक मामलों की स्थिति

विभिन्न राजनीतिक दलों के विधायकों पर आपराधिक मामलों की स्थिति इस प्रकार है:

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा): 1,653 विधायकों में से 39% (638 विधायक) ने आपराधिक मामले घोषित किए हैं, जिनमें से 26% (436 विधायक) गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं।

कांग्रेस: 646 विधायकों में से 52% (339 विधायक) पर आपराधिक मामले हैं, जिनमें से 30% (194 विधायक) गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं।

तेलुगु देशम पार्टी (TDP): 134 विधायकों में से 115 (86%) ने आपराधिक मामले घोषित किए हैं, जिनमें से 82 विधायक गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं।

द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (DMK): 132 में से 98 (74%) विधायकों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें 42 पर गंभीर आरोप हैं।

तृणमूल कांग्रेस (TMC): 230 में से 95 विधायकों पर आपराधिक मामले हैं, जिनमें 78 पर गंभीर आरोप हैं।

आम आदमी पार्टी (AAP): 123 विधायकों में से 69 (56%) पर आपराधिक मामले हैं, जिनमें से 35 (28%) पर गंभीर आरोप हैं।

समाजवादी पार्टी (SP): 110 विधायकों में से 68 (62%) पर आपराधिक मामले हैं, जिनमें से 48 (44%) पर गंभीर आरोप हैं।

महिलाओं के खिलाफ अपराधों में विधायकों की संलिप्तता

ADR की एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, 151 मौजूदा सांसदों और विधायकों पर महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले दर्ज हैं, जिनमें 16 पर बलात्कार के आरोप शामिल हैं। इनमें से दो सांसद और 14 विधायक हैं। 

ADR की इस रिपोर्ट ने भारतीय लोकतंत्र के प्रतिनिधियों की आपराधिक पृष्ठभूमि पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े किए हैं। यह आवश्यक है कि राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों के चयन में सतर्कता बरतें और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों को टिकट देने से बचें। साथ ही, न्यायपालिका और चुनाव आयोग को भी इस दिशा में सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि जनता के प्रतिनिधि स्वच्छ छवि वाले हों और लोकतंत्र की साख बनी रहे।


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