टीबी और तंबाकू के खिलाफ जंग: विद्यार्थियों ने भरी हुंकार! भाषण प्रतियोगिता में भावना सालवी रहीं प्रथम


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-03-21 06:22:15



 

भीलवाड़ा जिले में टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान के तहत एक विशेष पहल की गई है, जिसमें छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। इस अभियान का उद्देश्य न केवल टीबी के प्रति जागरूकता फैलाना है, बल्कि तंबाकू सेवन के खतरों से भी समाज को अवगत कराना है। आइए, जानते हैं इस अभियान की विस्तृत जानकारी।

जिला स्तरीय भाषण प्रतियोगिता: छात्रों की भागीदारी

टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान को गति देने और समाज में टीबी व तंबाकू के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से जिला क्षय रोग निवारण केंद्र में जिला स्तरीय भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न ब्लॉकों से चयनित विद्यार्थियों ने भाग लिया और टीबी के दुष्प्रभावों, तंबाकू सेवन के खतरों, बीमारी के कारणों, लक्षणों और बचाव के उपायों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। इस दौरान प्रतियोगिता में श्रेष्ठ रहे विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

भावना सालवी: जिले का गौरव

प्रतियोगिता में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, साथलियास, सहाड़ा की छात्रा भावना सालवी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। अब वह 20 मार्च 2025 को जयपुर स्थित होटल गणगौर, एमआई रोड में आयोजित राज्य स्तरीय आयोजन में भीलवाड़ा जिले का प्रतिनिधित्व करेंगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सी. पी. गोस्वामी ने कहा कि युवाओं की भागीदारी और संकल्प ही देश को टीबी मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

विद्यार्थियों का संदेश: जागरूकता और संकल्प

इस अवसर पर विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास के साथ अपने विचार रखते हुए टीबी मुक्त समाज के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि टीबी एक गंभीर बीमारी है, लेकिन समय पर उपचार से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। विद्यार्थियों ने आमजन से तंबाकू छोड़ने, बीमारी के प्रति जागरूक रहने और समय पर जांच व इलाज कराने की अपील की।

टीबी उन्मूलन में सामाजिक सहभागिता: डॉ. प्रदीप कटारिया की राय

जिला क्षय रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ. प्रदीप कटारिया ने बताया कि टीबी उन्मूलन के लिए सामाजिक सहभागिता बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में टीबी की जांच व इलाज निःशुल्क उपलब्ध है और लोग बिना झिझक स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर उपचार कराएं। इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों ने स्वस्थ भारत के निर्माण के लिए अपना योगदान देने का संकल्प लिया। उन्होंने अपने परिवार, मित्रों और समुदाय को भी इस विषय पर जागरूक करने का प्रण लिया।

निक्षय पोषण योजना: रोगियों के लिए सहायता

राज्य सरकार द्वारा टीबी रोगियों के लिए निक्षय पोषण योजना (NPY) चलाई जा रही है, जिसके तहत उपचार अवधि के दौरान प्रत्येक पंजीकृत क्षय रोगी को पौष्टिक आहार हेतु 1000 रुपये प्रतिमाह सीधे बैंक खाते में सहायता राशि दी जाती है। यह योजना 1 नवंबर 2024 से लागू की गई है। 

टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान: राज्यव्यापी प्रयास

राजस्थान सरकार द्वारा वर्ष 2023-24 में 7,200 ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों में 'टीबी मुक्त ग्राम पंचायत' अभियान आयोजित किया गया, जिसमें 586 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है। वर्ष 2024-25 के लिए 9,325 ग्राम पंचायत/शहरी वार्डों को शामिल करने का लक्ष्य है, जिससे राज्य को टीबी मुक्त प्रदेश बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। 

समाज की भूमिका: जागरूकता और समर्थन

टीबी उन्मूलन के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। सामुदायिक समर्थन के माध्यम से टीबी रोगियों और उनके परिवारों को पोषण, परामर्श और सामाजिक सहायता प्रदान की जा सकती है। इसके अलावा, टीबी रोगियों और परिवारों के लिए संसाधन जुटाना, गुणवत्ता में सुधार के लिए टीबी चैंपियंस द्वारा प्रयासों का समर्थन और निदान, व्यावसायिक एवं शैक्षिक सहायता प्रदान करना भी महत्वपूर्ण है। 

एक स्वस्थ समाज की ओर कदम

भीलवाड़ा जिले में आयोजित इस प्रकार की प्रतियोगिताएं न केवल युवाओं में जागरूकता फैलाने का माध्यम हैं, बल्कि समाज को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी हैं। छात्रों की सक्रिय भागीदारी और संकल्प से निश्चित रूप से टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। आइए, हम सभी मिलकर इस अभियान में सहयोग करें और एक स्वस्थ समाज का निर्माण करें।


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