डॉ. मणि शेखर की पहल: गोरखपुर में महिलाओं को मिला सड़क सुरक्षा और मेडिकल किट का विशेष प्रशिक्षण
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-20 22:27:27

सड़क सुरक्षा आज के समय की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है, विशेषकर कामकाजी महिलाओं के लिए जो दैनिक जीवन में दोपहिया वाहनों का उपयोग करती हैं। पिपराइच, गोरखपुर में आयोजित एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम ने इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जहां महिलाओं को सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों और मेडिकल किट के उपयोग की बारीकियों से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य और आयोजन:
बुधवार को स्थानीय सीएचसी सभागार में कामकाजी महिलाओं के लिए सड़क सुरक्षा और यातायात नियम एवं दोपहिया वाहन संचालन जागरूकता प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और उन्हें सुरक्षित वाहन संचालन के लिए प्रशिक्षित करना था।
डॉ. मणि शेखर का संबोधन:
सीएचसी अधीक्षक डॉ. मणि शेखर ने उद्घाटन सत्र में महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा की जानकारी और मेडिकल किट का सही उपयोग जीवन बचा सकता है। उन्होंने बताया कि छोटी-छोटी सावधानियां और दवाओं की जानकारी हमें बड़े नुकसान से बचा सकती हैं। सड़क पर चोटिल अवस्था में मिलने वाले व्यक्तियों के लिए प्राथमिक चिकित्सा का ज्ञान जीवनदायिनी साबित हो सकता है।
नेशनल जर्नलिस्ट एसोसिएशन की भूमिका:
इस कार्यक्रम का आयोजन नेशनल जर्नलिस्ट एसोसिएशन (एनजेए) की पहल पर किया गया था। एनजेए के राष्ट्रीय महासचिव एवं अधिवक्ता कुमुद रंजन सिंह ने एसोसिएशन के उद्देश्यों और कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने मुख्य अतिथि डॉ. मणि शेखर का सम्मान अंगवस्त्र एवं बैच से डिजिटल सखी परियोजना की ज्वाइंट प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर गीता कौर द्वारा करवाया।
प्रायोगिक प्रशिक्षण:
सैद्धांतिक प्रशिक्षण के बाद, कॉपरेटिव स्कूल ग्राउंड में महिलाओं ने स्कूटी चलाने का अभ्यास किया। यह प्रायोगिक सत्र महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें सुरक्षित ढंग से वाहन संचालन के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
प्रतिभागियों की सहभागिता:
इस कार्यक्रम में विभिन्न ग्रामों से आईं डिजिटल सखियों ने भाग लिया, जिनमें रंजना यादव (उनौला दोयम), प्राची पाण्डेय (पिपरा मुगलान), सुधा देवी (सोनवे गुनाराह), अनीता यादव (चिलबिलवा), आशा (महुआ खुर्द), अंजनी विश्वकर्मा (सारंडा), नादरा खातून (रूद्रापुर), मेनिका पासवान (कोनी), सुनीता देवी (गौरा), गायत्री सिंह (इस्लामपुर), पूजा मिश्रा (हेमधापुर), मेनका सिंह (उसका), गीता कुमारी (नथुआ), कंचन व निरमा शर्मा (आराजी बनकट), मीना (नैयापार खुर्द) और ज्योति भाटिया (करमैना/करमैनी) शामिल थीं।
सड़क सुरक्षा में महिलाओं की भूमिका:
यह कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि महिलाएं न केवल घर और कार्यस्थल पर बल्कि सड़क सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता और प्रशिक्षण से वे न केवल स्वयं सुरक्षित रहेंगी बल्कि समाज में भी सुरक्षा का संदेश फैलाएंगी।
पिपराइच, गोरखपुर में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कामकाजी महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों और मेडिकल किट के उपयोग की जानकारी से लैस ये महिलाएं अब अधिक आत्मविश्वास के साथ सड़क पर उतर सकेंगी। इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में सुरक्षा और जागरूकता के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।