बैंक ग्राहकों के लिए बड़ी राहत! अब बार-बार KYC डॉक्यूमेंट जमा करने की जरूरत नहीं अगर आप भी बार-बार बैंक से आने वाले KYC अपडेट के कॉल से परेशान हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बैंकों और ग़ैर-बैंकिंग वित


के कुमार आहूजा,   2025-03-20 19:16:34



बैंक ग्राहकों के लिए बड़ी राहत! अब बार-बार KYC डॉक्यूमेंट जमा करने की जरूरत नहीं

अगर आप भी बार-बार बैंक से आने वाले KYC अपडेट के कॉल से परेशान हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बैंकों और ग़ैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे ग्राहकों को बार-बार KYC डॉक्यूमेंट जमा करने के लिए कॉल न करें। यह फैसला तब आया है जब लगातार बैंक ग्राहकों की शिकायतें बढ़ रही थीं कि उन्हें बार-बार KYC अपडेट करने के लिए मजबूर किया जाता है।

RBI गवर्नर का बैंकों को सख्त निर्देश

RBI लोकपालों के वार्षिक सम्मेलन में बोलते हुए संजय मल्होत्रा ने कहा कि जब एक बार ग्राहक ने बैंक को KYC डॉक्यूमेंट जमा कर दिए हैं, तो उन्हें बार-बार वही प्रक्रिया दोहराने के लिए मजबूर करना गलत और अनावश्यक है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बैंकों और NBFCs को अपने सिस्टम को अपग्रेड करना चाहिए ताकि उन्हें हर बार ग्राहक से KYC दस्तावेज़ मांगने की जरूरत न पड़े।

डेटाबेस सिस्टम में खामी, ग्राहकों को हो रही परेशानी

मल्होत्रा ने इस बात पर भी चिंता जताई कि अधिकांश बैंक और NBFCs अपनी शाखाओं को केंद्रीय डेटा बेस से जोड़ने में असफल रहे हैं। इसका नतीजा यह है कि बैंकों की अलग-अलग शाखाओं में ग्राहकों की जानकारी अपडेट नहीं हो पाती, और बार-बार ग्राहकों से नए सिरे से KYC डॉक्यूमेंट मांगने की नौबत आ जाती है।

उन्होंने बैंकों को सलाह दी कि वे जल्द से जल्द अपनी तकनीकी खामियों को दूर करें और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाएं ताकि ग्राहकों को अनावश्यक झंझट से छुटकारा मिले।

बैंकिंग सेवाओं में सुधार की सख्त जरूरत

RBI गवर्नर ने कहा कि बैंकों की जिम्मेदारी है कि वे ग्राहकों को बेहतर सेवाएँ दें। उन्होंने यह भी माना कि बैंकिंग सेवाओं में कई सुधारों की जरूरत है।

बैंकिंग ग्राहकों को अक्सर निम्नलिखित समस्याओं का सामना करना पड़ता है:

बार-बार KYC जमा करने की जरूरत

असंगत बैंकिंग सेवाएँ और डेटा अपडेट में देरी

शाखाओं में लंबी कतारें और दस्तावेज़ों की बार-बार मांग

ग्राहकों की शिकायतों को अनदेखा करना

मल्होत्रा ने कहा कि बैंकों को डिजिटल बैंकिंग प्रणाली को मजबूत बनाना होगा, ताकि ग्राहक आसानी से अपने दस्तावेज़ अपडेट कर सकें और बार-बार बैंक के चक्कर न लगाने पड़ें।

ग्राहकों की शिकायतों को गलत तरीके से वर्गीकृत करना गैरकानूनी!

RBI गवर्नर ने इस बात पर भी जोर दिया कि बैंक ग्राहकों की शिकायतों को गलत तरीके से वर्गीकृत करना बंद करें। उन्होंने इसे एक गंभीर नियामकीय उल्लंघन करार दिया।

उन्होंने बताया कि 2023-24 में बैंकों को 1 करोड़ से अधिक ग्राहक शिकायतें मिलीं, जिनमें से 57% शिकायतों को RBI लोकपाल के हस्तक्षेप की जरूरत पड़ी। यह दर्शाता है कि बैंकिंग सेवाओं में अभी भी कई सुधारों की जरूरत है।

ग्राहकों को कैसे मिलेगी राहत?

बैंकिंग संस्थानों को अब बार-बार KYC दस्तावेज़ मांगने से बचना होगा।

डेटा बेस को अपडेट करके ग्राहकों की परेशानियों को कम किया जाएगा।

डिजिटल बैंकिंग प्रणाली को अधिक मजबूत बनाया जाएगा।

ग्राहकों की शिकायतों का निवारण जल्द से जल्द किया जाएगा।

बैंकिंग प्रणाली में सुधार की जरूरत!

RBI के इस नए आदेश के बाद ग्राहकों को राहत मिलने की उम्मीद है। अब बैंक बिना वजह KYC के लिए बार-बार कॉल नहीं करेंगे और ग्राहकों को अनावश्यक दस्तावेज़ जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि, अब यह देखना होगा कि बैंक इस निर्देश को कितनी जल्दी लागू करते हैं और ग्राहकों को वास्तविक लाभ कब मिलता है।


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