स्वास्थ्य विभाग का बड़ा कदम! नापासर में अवैध मिठाई कारखाना सील
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-20 04:57:51

क्या आप जानते हैं कि आपके आस-पास बिक रही मिठाइयाँ कितनी सुरक्षित हैं? नापासर में हाल ही में हुई एक कार्रवाई ने इस सवाल को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है। आइए, जानते हैं इस चौंकाने वाली घटना की पूरी कहानी।
कारखाने का अवैध संचालन:
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नापासर के रामदेव मंदिर के पास स्थित जाट मोहल्ला में मैसर्स अजय ओम फूड प्रोडक्ट्स पर निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि यह निर्माण इकाई बिना फूड लाइसेंस के संचालित हो रही थी, जो खाद्य सुरक्षा मानकों का सीधा उल्लंघन है।
स्वास्थ्य मानकों की अनदेखी:
निरीक्षण के दौरान कई गंभीर खामियाँ सामने आईं। फूड हैंडलर्स का मेडिकल रिकॉर्ड और पेस्ट कंट्रोल का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था। पानी की जांच रिपोर्ट भी नहीं मिली, जो स्वच्छता के लिए आवश्यक है।
अवधिपार सामग्री और गंदगी:
कारखाने में बेबी ब्रांड केसर और खाद्य रंग जैसी सामग्री की अवधि समाप्त हो चुकी थी, फिर भी उनका उपयोग किया जा रहा था। दीवारों पर जाले लगे हुए थे, जो साफ-सफाई की कमी को दर्शाते हैं। लगभग 3 किलो फीणी में मरी हुई मक्खियाँ पाई गईं, जिसे मौके पर ही नष्ट किया गया।
स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई:
इन सभी खामियों को देखते हुए, स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत प्रभाव से कारखाने को सील कर दिया। मावा, गुलाब जामुन, दूध और घी के कुल चार नमूने लिए गए, जिन्हें जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
टीम के सदस्य:
इस कार्रवाई में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुखराज साध के साथ ब्लॉक सीएमओ खाजूवाला डॉ. मुकेश मीणा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रवण कुमार वर्मा, भानु प्रताप सिंह और राकेश कुमार गोदारा शामिल थे।
यह घटना उपभोक्ताओं के लिए एक चेतावनी है कि वे खाद्य पदार्थ खरीदते समय सतर्क रहें। साथ ही, यह खाद्य व्यवसायियों के लिए भी एक संदेश है कि वे स्वच्छता और लाइसेंस संबंधी नियमों का पालन करें, अन्यथा सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहें।