मेनार गांव में बारूद की होली! 500 साल पुरानी परंपरा का अनोखा जश्न
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-18 08:49:16

राजस्थान के उदयपुर जिले में स्थित मेनार गांव अपनी अनोखी होली परंपरा के लिए प्रसिद्ध है, जहां रंगों की जगह बारूद, तोपों और तलवारों का उपयोग होता है। यह परंपरा लगभग 500 वर्षों से चली आ रही है और इसे देखने के लिए देश-विदेश से लोग यहां आते हैं।
इतिहास: मुगलों पर विजय की गौरवगाथा
मेनार गांव की इस अनोखी होली का संबंध मुगलों के खिलाफ मेनारिया ब्राह्मणों की वीरता से है। इतिहासकारों के अनुसार, मेवाड़ क्षेत्र में मुगलों के अत्याचार से त्रस्त होकर मेनारिया ब्राह्मणों ने एक योजना बनाई। उन्होंने मुगलों को गैर कार्यक्रम में आमंत्रित किया और ढोल की थाप पर शुरू हुई गैर ने युद्ध का रूप ले लिया। इस युद्ध में मेनारिया ब्राह्मणों ने मुगलों को हराया और इस विजय की खुशी में बारूद की होली की परंपरा शुरू हुई।
जमराबीज पर जबरी गैर: परंपरा का निर्वहन
धुलंडी के अगले दिन, जिसे जमराबीज कहा जाता है, मेनार गांव में जबरी गैर का आयोजन होता है। इस दिन गांव के पांच महलों से मेवाड़ी पोशाक में सजे-धजे योद्धा ओंकारेश्वर चौक पर एकत्रित होते हैं। यहां तलवारों की गैर खेली जाती है और हवाई फायरिंग के साथ तोपों से गोले दागे जाते हैं। यह दृश्य युद्ध के मैदान की याद दिलाता है और गांववासियों के उत्साह का प्रतीक है।
समारोह की विशेषताएं: परंपरा और उत्साह का संगम
जमराबीज के दिन मेनार गांव में घरों में पड़ी बंदूकों और तलवारों की साफ-सफाई की जाती है। शाम होते ही गांव के चौक में हर उम्र के लोग पारंपरिक वेशभूषा में एकत्रित होते हैं। जैसे-जैसे अंधेरा बढ़ता है, उत्साह भी बढ़ता जाता है। टोपीदार बंदूकों और तोपों की गूंज से गांव गूंज उठता है, जो इस अनोखी परंपरा की विशेषता है।
आकर्षण का केंद्र: देश-विदेश से आने वाले लोग
मेनार गांव की इस अनोखी होली को देखने के लिए देश-विदेश से लोग यहां आते हैं। विदेशों में रहने वाले मेनारिया लोग भी इस अवसर पर गांव लौटते हैं। यह परंपरा न केवल गांव की सांस्कृतिक धरोहर है, बल्कि पर्यटन के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।
वीरता और परंपरा का प्रतीक
मेनार गांव की बारूद की होली एक अनोखी परंपरा है, जो वीरता, उत्साह और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। यह परंपरा हमें हमारे इतिहास और संस्कृति से जोड़ती है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।