दो गुटों में विवाद: मुंगेर में बढ़ता अपराध! ASI संतोष कुमार पर जानलेवा हमला
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-17 21:38:44

बिहार के मुंगेर जिले में हाल ही में एक ऐसी घटना घटी जिसने राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। दो गुटों के बीच हो रहे विवाद को सुलझाने पहुंचे पुलिस अधिकारी पर हुआ जानलेवा हमला न केवल चिंताजनक है, बल्कि समाज में बढ़ती असहिष्णुता का भी प्रतीक है।
घटना का विवरण:
शुक्रवार की शाम मुंगेर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नंदलालपुर गांव में दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर मारपीट हो रही थी। इसकी सूचना मिलने पर मुफस्सिल थाना में तैनात एसआई संतोष कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास में, एक पक्ष के अज्ञात व्यक्ति ने संतोष कुमार पर तेज धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे उनके सिर और गर्दन पर गंभीर चोटें आईं।
चिकित्सकीय सहायता और स्थिति:
घायल अवस्था में संतोष कुमार को तुरंत स्थानीय निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां के चिकित्सक डॉ. अयूब आलम ने बताया कि संतोष कुमार के सिर पर गहरे कट के निशान थे, जो तेज हथियार से हमला होने का संकेत देते हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना के पारस अस्पताल रेफर किया गया।
पुलिस की प्रतिक्रिया:
मुंगेर के एसपी इमरान मसूद ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि शाम को डायल 112 पर सूचना मिली थी कि नंदलालपुर गांव में रणवीर कुमार के परिवार द्वारा हंगामा किया जा रहा है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए एसआई संतोष कुमार मौके पर पहुंचे थे, जहां उन पर हमला हुआ। एसपी ने कहा कि दोषियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
संतोष कुमार का परिचय:
संतोष कुमार हाल ही में जमादार से प्रमोशन पाकर एसआई बने थे और भभुआ के निवासी हैं। उनकी इस उपलब्धि से परिवार और गांव में खुशी का माहौल था, लेकिन इस हमले ने सभी को स्तब्ध कर दिया है।
समाज में बढ़ती हिंसा पर चिंता:
यह घटना समाज में बढ़ती हिंसा और असहिष्णुता की ओर इशारा करती है। पुलिस बल, जो समाज की सुरक्षा के लिए कार्यरत है, यदि वही असुरक्षित महसूस करने लगे, तो यह एक गंभीर समस्या है। ऐसी घटनाएं न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती हैं, बल्कि समाज के नैतिक ताने-बाने को भी प्रभावित करती हैं।
मुंगेर की यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हम किस दिशा में जा रहे हैं। समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। कानून का सम्मान और पुलिस बल के प्रति सहयोग समाज की जिम्मेदारी है, ताकि ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।