होली के जश्न में बवाल: गिरीडीह में दो गुटों के बीच पत्थराव और आगजनी
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-17 07:46:30

झारखंड के गिरीडीह जिले के घोरथाम्बा क्षेत्र में होली के शुभ अवसर पर एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी, जिसने त्योहार की खुशियों को मातम में बदल दिया। दो गुटों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें पत्थराव और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। इस हिंसा में कई दुकानों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया, जिससे स्थानीय लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त हो गया।
घटना का विवरण:
होली के दिन घोरथाम्बा क्षेत्र में दो गुटों के बीच किसी बात को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया। यह विवाद धीरे-धीरे बढ़ता गया और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पत्थराव करना शुरू कर दिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि उग्र भीड़ ने आसपास की दुकानों और वाहनों में आग लगा दी, जिससे संपत्ति का भारी नुकसान हुआ। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह संघर्ष लगभग एक घंटे तक चला, जिसमें कई लोग घायल भी हुए।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई:
घटना की सूचना मिलते ही, गिरीडीह के पुलिस अधीक्षक बिमल कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद, पुलिस ने स्थिति पर काबू पाया और हिंसा को रोका। एसपी बिमल कुमार ने बताया कि घटना में शामिल व्यक्तियों की पहचान की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आगजनी से हुआ नुकसान:
हिंसा के दौरान, उपद्रवियों ने कई दुकानों और वाहनों में आग लगा दी, जिससे व्यापारियों और वाहन मालिकों को भारी नुकसान हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने क्षतिग्रस्त संपत्तियों का सर्वेक्षण शुरू कर दिया है और प्रभावित लोगों को मुआवजा देने की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है।
स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया:
घटना के बाद, स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। साथ ही, स्थानीय नेताओं और समाजसेवियों के साथ बैठक कर शांति समिति का गठन किया गया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
सामाजिक संगठनों की भूमिका:
घटना के बाद, कई सामाजिक संगठनों ने आगे आकर प्रभावित लोगों की सहायता की है। उन्होंने पीड़ित व्यापारियों और वाहन मालिकों को आर्थिक सहायता प्रदान की है और उनके पुनर्वास के लिए प्रशासन से सहयोग की मांग की है। साथ ही, संगठनों ने शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए हैं।
गिरीडीह के घोरथाम्बा क्षेत्र में होली के दौरान हुई हिंसा ने समाज में शांति और सद्भाव की आवश्यकता को रेखांकित किया है। त्योहारों का उद्देश्य लोगों को जोड़ना और खुशियां बांटना होता है, लेकिन ऐसी घटनाएं समाज के ताने-बाने को कमजोर करती हैं। आवश्यक है कि हम सभी मिलकर शांति और एकता को बनाए रखें और ऐसे तत्वों से सावधान रहें जो समाज में विभाजन पैदा करने का प्रयास करते हैं।