इडुक्की जिले में मिला प्राचीन मानव निवास: केरल के इतिहास में सनसनीखेज खुलासा


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-03-16 18:11:52



 

क्या आपने कभी सोचा है कि केरल की हरी-भरी वादियों में छिपा हुआ इतिहास कितना प्राचीन हो सकता है? अनप्परा गांव में हाल ही में हुई खोज ने इस सवाल का जवाब दिया है, जिससे केरल के अतीत के नए पहलू उजागर हुए हैं।

खोज की पृष्ठभूमि:

दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 तक, केरल काउंसिल फॉर हिस्टोरिकल रिसर्च (KCHR) ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की अनुमति से अनप्परा गांव में उत्खनन कार्य किया। इस परियोजना का नेतृत्व KCHR के निदेशक प्रोफेसर दिनेशन वी. ने किया, जिसका उद्देश्य केरल में प्राचीन मानव बसावटों की जड़ों को उजागर करना था।

स्थानीय योगदान:

इडुक्की हिस्टोरिकल रिकॉर्ड्स के लेखक टी. राजेश, जो अनप्परा के निवासी हैं, ने इस क्षेत्र की ऐतिहासिक महत्ता की ओर KCHR का ध्यान आकर्षित किया। उनकी गहन रुचि और शोध के कारण ही इस क्षेत्र में उत्खनन संभव हो पाया।

पूर्ववर्ती खोजें:

राजेश की रुचि ने चेल्लारकोविल, राजाकंदम और नजाराकुलम जैसे निकटवर्ती स्थानों में मध्यपाषाण संस्कृति से संबंधित कई कब्रों और समाधियों की खोज की ओर मार्गदर्शन किया। इन खोजों के आधार पर, शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि अनप्परा प्रारंभिक ऐतिहासिक मानव आवास का केंद्र हो सकता है।

भौगोलिक विशेषताएं:

अनप्परा की अनूठी भूवैज्ञानिक विशेषताएं, जैसे अनुकूल सिंचाई प्रणाली, इसे प्रारंभिक मानव बसावट के लिए उपयुक्त बनाती हैं। यहां की मिट्टी और जलवायु परिस्थितियां कृषि और निवास के लिए अनुकूल रही होंगी, जिससे यह क्षेत्र मानव सभ्यता के प्रारंभिक चरणों में महत्वपूर्ण रहा होगा।

भविष्य की संभावनाएं:

शोधकर्ताओं का मानना है कि इडुक्की जिले की मिट्टी के नीचे और भी अज्ञात अवशेष छिपे हो सकते हैं, जिन्हें उचित अन्वेषण की आवश्यकता है। हाल की खोजें इस दिशा में विस्तृत उत्खनन परियोजनाओं को बढ़ावा देंगी, जिससे केरल के प्राचीन इतिहास के और पहलू उजागर हो सकेंगे।

अनप्परा गांव में पाषाण युगीन अवशेषों की खोज ने केरल के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा है। यह खोज न केवल राज्य के प्राचीन अतीत को समझने में मदद करेगी, बल्कि भविष्य के शोधकर्ताओं के लिए भी नए मार्ग प्रशस्त करेगी।


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