संस्कार और सेवा का संगम! बीकानेर में दिव्यांग बच्चों संग मनाई होली, पर्यावरण संरक्षण की भी अनूठी पहल
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-16 09:42:22

बीकानेर में श्री गुरु अर्जुन दास सत्संग भवन एवं श्री रूद्र हनुमान सेवा समिति द्वारा एक ऐसा आयोजन किया गया, जिसने समाज सेवा को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। समिति की संरक्षक प्रेमलता गुप्ता के स्वर्गवास पर श्रद्धांजलि स्वरूप तीन दिवसीय सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें दिव्यांग बच्चों के साथ होली मनाने से लेकर पर्यावरण संरक्षण तक कई उल्लेखनीय कार्य किए गए। आइए जानते हैं इस आयोजन के सभी प्रमुख पहलुओं को विस्तार से।
दिव्यांग बच्चों संग अनोखी होली – समाज सेवा का अनूठा प्रयास
बीकानेर के सेवाश्रम, पवनपुरी में होली के अवसर पर दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष लंगर प्रसाद वितरण और हर्बल गुलाल का आयोजन किया गया। समिति की प्रमुख सदस्य उषा गुप्ता ने सभी को संदेश दिया कि "होली पर पक्के रंगों से बचें, पानी की बचत करें और त्योहार के नाम पर नशे से दूर रहें।"
इस कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों ने हर्बल रंगों से होली खेली, जिससे न केवल उन्हें आनंद मिला, बल्कि यह पर्यावरण अनुकूल भी रहा।
माजी पौधे का अनावरण – पर्यावरण संरक्षण की मिसाल
प्रेमलता गुप्ता की स्मृति में पौधारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें समिति के सदस्यों ने मिलकर कई पौधे लगाए और पहले से लगे पौधों की सफाई की। इस कार्यक्रम में विशेष रूप से एक पौधे का नाम ‘माजी’ रखा गया, जिसे संरक्षित करने का संकल्प लिया गया।
गुरु अर्जुन दास जी ने इस अवसर पर कहा, "संसार प्रकृति के नियमों के अधीन है और परिवर्तन इसका अभिन्न अंग है। शरीर मात्र एक साधन है, किंतु सेवा और संस्कार अमर रहते हैं। प्रेमलता जी शक्ति स्वरूपा थीं और उनकी सेवा को आगे बढ़ाने का दायित्व हमारा है।"
समाज सेवा में अग्रणी श्री गुरु अर्जुन दास सत्संग भवन समिति
इस कार्यक्रम में गुरु अर्जुन दास, अभिषेक गुप्ता, उषा गुप्ता, बसंत किराडू, वैभव, हिमांशी, मयंक समेत कई प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे।
समिति के सदस्य अभिषेक गुप्ता ने कहा, "हमारी माता जी ने हमें समाज सेवा की जो शिक्षा दी, उसे हम जीवनभर आगे बढ़ाते रहेंगे। यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में प्रेम और सद्भावना को बढ़ावा देने की पहल है।"
समिति ने यह भी घोषणा की कि भविष्य में इस तरह के सेवा कार्य निरंतर जारी रहेंगे।
समाज के लिए संदेश – सेवा ही सबसे बड़ा धर्म
समिति के इस तीन दिवसीय आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि समाज सेवा और आध्यात्मिकता का संगम ही वास्तविक मानवता है। दिव्यांग बच्चों के संग होली मनाना, पौधारोपण कर पर्यावरण को संवारना और जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराना – ये सभी कार्य समाज के लिए प्रेरणा हैं।
भविष्य की योजनाएँ – सेवाभाव का विस्तार
समिति ने आगे भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया है। उनका उद्देश्य त्योहारों को केवल मनोरंजन तक सीमित न रखकर, उन्हें समाज सेवा से जोड़ना है। जिनमें शामिल हैं:-
जरूरतमंदों के लिए लंगर और भोजन वितरण
पर्यावरण सुरक्षा हेतु पौधारोपण अभियान
दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष कार्यक्रम
निष्कर्ष – संस्कार और सेवा का आदर्श उदाहरण
बीकानेर में आयोजित यह तीन दिवसीय सेवा कार्य प्रेमलता गुप्ता जी के समाज के प्रति योगदान को अमर बना गया। यह आयोजन न केवल एक श्रद्धांजलि थी, बल्कि एक नई प्रेरणा भी बनी। समिति द्वारा किया गया यह प्रयास समाज में प्रेम, सेवा और एकता की भावना को प्रबल करता है।