तिरुत्तणी में मासी पेरुविऴा: भगवान मुरुगन और देवी वल्ली का दिव्य विवाह महोत्सव
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-16 08:44:10

तिरुवल्लूर जिले के तिरुत्तणी मुरुगन मंदिर में मासी पेरुविऴा के अवसर पर भगवान मुरुगन और देवी वल्ली का दिव्य विवाह समारोह संपन्न हुआ। यह समारोह वैदिक मंत्रोच्चार और भव्य साज-सज्जा के साथ आयोजित किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मासी पेरुविऴा: एक महत्वपूर्ण तमिल त्योहार
मासी पेरुविऴा तमिलनाडु का एक प्रमुख त्योहार है, जो तमिल कैलेंडर के मासी महीने (फरवरी-मार्च) में मनाया जाता है। यह पर्व विशेष रूप से भगवान मुरुगन को समर्पित है और राज्य के विभिन्न मुरुगन मंदिरों में धूमधाम से आयोजित किया जाता है। तिरुत्तणी मुरुगन मंदिर में इस अवसर पर भगवान मुरुगन और देवी वल्ली का दिव्य विवाह (तिरुकल्याणम) समारोह विशेष आकर्षण का केंद्र होता है।
तिरुत्तणी मुरुगन मंदिर: एक पवित्र स्थल
तिरुत्तणी मुरुगन मंदिर तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में स्थित है और यह भगवान मुरुगन के छह प्रमुख निवास स्थलों (पडई वीड़ू) में से एक है। यह मंदिर अपनी वास्तुकला और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है, जहाँ वर्षभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।
दिव्य विवाह समारोह: तिरुकल्याणम का आयोजन
मासी पेरुविऴा के अवसर पर तिरुत्तणी मुरुगन मंदिर में भगवान मुरुगन और देवी वल्ली का तिरुकल्याणम (दिव्य विवाह) समारोह आयोजित किया गया। यह समारोह वल्ली मंडपम में संपन्न हुआ, जहाँ देवताओं को सुंदर आभूषणों से सजाया गया था। वैदिक पुरोहितों ने मंत्रोच्चार के साथ विवाह विधियों को संपन्न किया, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठा।
श्रद्धालुओं की सहभागिता: आस्था का सागर
इस पवित्र अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में एकत्रित हुए। उन्होंने भगवान मुरुगन और देवी वल्ली के दिव्य विवाह का साक्षी बनने के लिए लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी आस्था प्रकट की। मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए थे, जिससे समारोह सुचारू रूप से संपन्न हुआ।
सांस्कृतिक कार्यक्रम: परंपरा और कला का संगम
दिव्य विवाह समारोह के उपलक्ष्य में मंदिर परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य और संगीत प्रस्तुत किए, जो तमिल संस्कृति की समृद्धि को प्रदर्शित करते हैं। इन कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं का मनोरंजन किया और उन्हें तमिल परंपराओं से जोड़ने का कार्य किया।
सुरक्षा और व्यवस्था: प्रशासन की तत्परता
भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। पुलिस बल और स्वयंसेवकों ने मिलकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित की। मंदिर प्रबंधन ने भी साफ-सफाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आस्था और परंपरा का अनूठा संगम
तिरुत्तणी मुरुगन मंदिर में मासी पेरुविऴा के अवसर पर आयोजित भगवान मुरुगन और देवी वल्ली का दिव्य विवाह समारोह आस्था, परंपरा और संस्कृति का अनूठा संगम था। इस प्रकार के आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखते हैं, बल्कि समाज को एकजुट करने और सांस्कृतिक विरासत को संजोने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।