हिमाचल की सांगला घाटी में रंगों का महासंगम! श्री बेरिंग नाग जी मंदिर में होली का अनोखा उत्सव


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-03-15 17:32:29



 

हिमाचल प्रदेश की सांगला घाटी, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध है, ने इस वर्ष होली के अवसर पर एक विशेष आकर्षण का केंद्र बना। श्री बेरिंग नाग जी मंदिर में आयोजित होली उत्सव में हजारों श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने भाग लिया, जिससे यह आयोजन और भी खास बन गया।

श्री बेरिंग नाग जी मंदिर का महत्व

सांगला में स्थित श्री बेरिंग नाग जी मंदिर स्थानीय देवता बेरिंग नाग जी को समर्पित है, जिन्हें क्षेत्र के संरक्षक देवता माना जाता है। यह मंदिर स्थानीय संस्कृति और परंपराओं का केंद्र है, जहां वर्षभर विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते रहते हैं।

होली उत्सव की विशेषताएं

सांगला में होली का उत्सव विशेष रूप से फागुली महोत्सव के रूप में मनाया जाता है, जो चार दिनों तक चलता है। इस दौरान स्थानीय लोग पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य और संगीत के माध्यम से अपनी खुशी का इजहार करते हैं। फाग मेले के रूप में जाना जाने वाला यह उत्सव होली के बाद मनाया जाता है, जिसमें लोग रंगों के बजाय पारंपरिक नृत्य और संगीत के माध्यम से वसंत ऋतु का स्वागत करते हैं। 

पर्यटकों की भागीदारी

इस वर्ष होली उत्सव में न केवल स्थानीय निवासियों ने, बल्कि देश-विदेश से आए पर्यटकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पर्यटकों ने स्थानीय संस्कृति और परंपराओं का अनुभव किया और इस अनोखे होली उत्सव का आनंद लिया। सांगला की होली विशेष रूप से एकल यात्रियों के लिए आकर्षक मानी जाती है, जो स्थानीय लोगों के साथ मिलकर इस त्योहार का आनंद लेते हैं। 

सांस्कृतिक कार्यक्रम

उत्सव के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय नृत्य, संगीत और पारंपरिक खेल शामिल थे। इन कार्यक्रमों ने न केवल स्थानीय लोगों को, बल्कि पर्यटकों को भी मंत्रमुग्ध कर दिया। फाग मेले के दौरान स्थानीय देवताओं की कहानियों और इतिहास को भी प्रस्तुत किया गया, जिससे लोगों को क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के बारे में जानने का अवसर मिला। 

सुरक्षा और व्यवस्थापन

उत्सव के दौरान स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थापन के पुख्ता इंतजाम किए थे। पुलिस और स्वयंसेवकों की टीमों ने भीड़ को नियंत्रित करने और आपात स्थितियों से निपटने के लिए तत्परता से कार्य किया। इसके अलावा, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई थी, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से निपटा जा सके।

स्थानीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

होली उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटकों के आगमन से स्थानीय व्यवसायों को भी लाभ हुआ। होटल, रेस्तरां और हस्तशिल्प विक्रेताओं ने इस अवसर पर अच्छी कमाई की, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिला। इसके अलावा, स्थानीय कलाकारों और कारीगरों को अपनी कला और उत्पादों को प्रदर्शित करने का मंच मिला, जिससे उनकी आजीविका में सुधार हुआ।

पर्यावरण संरक्षण के प्रयास

उत्सव के दौरान पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा गया। स्थानीय समुदाय और प्रशासन ने मिलकर स्वच्छता अभियान चलाए, ताकि क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता बनी रहे। इसके अलावा, प्लास्टिक के उपयोग को न्यूनतम करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिससे पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव कम हो।

भविष्य की योजनाएं

सांगला में होली उत्सव की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए, स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग ने आगामी वर्षों में इस आयोजन को और भव्य बनाने की योजना बनाई है। इसके तहत, अतिरिक्त सुविधाओं का विकास, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का विस्तार और पर्यटकों के लिए विशेष पैकेज शामिल हैं। इन प्रयासों से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय समुदाय की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा।

श्री बेरिंग नाग जी मंदिर में आयोजित होली उत्सव ने सांगला की सांस्कृतिक धरोहर को एक नए आयाम पर पहुंचाया है। हजारों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सहभागिता ने इस आयोजन को सफल बनाया। स्थानीय प्रशासन, समुदाय और पर्यटकों के संयुक्त प्रयासों से यह उत्सव न केवल मनोरंजन का माध्यम बना, बल्कि सांस्कृतिक और आर्थिक विकास का भी स्रोत साबित हुआ।


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