फेसबुक पर प्यार, देश से गद्दारी! ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के अधिकारी ने आईएसआई को बेचे राज


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-03-15 17:30:26



 

सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली जासूसी गतिविधियों का एक और मामला सामने आया है, जहां एक भारतीय अधिकारी ने पाकिस्तानी एजेंट के हनीट्रैप में फंसकर देश की संवेदनशील जानकारियां लीक की हैं। उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई में फिरोजाबाद ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के चार्जमैन रविंद्र कुमार को गिरफ्तार किया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को गोपनीय जानकारी साझा की है। यह गिरफ्तारी देश की सुरक्षा के प्रति एक गंभीर चिंता का विषय है। 

फेसबुक पर नेहा शर्मा के नाम से जाल

जून-जुलाई 2024 में रविंद्र कुमार की दोस्ती फेसबुक पर 'नेहा शर्मा' नाम की एक लड़की से हुई, जिसने खुद को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की एजेंट बताया। पैसों के लालच और भावनात्मक संबंधों में फंसकर रविंद्र ने ऑर्डिनेंस फैक्ट्री से संबंधित गोपनीय दस्तावेज और सूचनाएं उसे भेजनी शुरू की। यह जानकारी सामने आई है कि रविंद्र और 'नेहा' के बीच व्हाट्सएप चैटिंग, ऑडियो कॉल और वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत होती थी। 

लीक हुई संवेदनशील जानकारियां

रविंद्र कुमार ने आईएसआई एजेंट को ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की डेली प्रोडक्शन रिपोर्ट, स्क्रीनिंग कमेटी के गोपनीय पत्र, ड्रोन और गगनयान प्रोजेक्ट से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भेजीं। इसके अलावा, 51 गोरखा राइफल्स के अधिकारियों और लॉजिस्टिक ड्रोन के ट्रायल से संबंधित दस्तावेज भी लीक किए गए। 

एटीएस की त्वरित कार्रवाई

एटीएस उत्तर प्रदेश को कुछ दिनों से सूचना मिल रही थी कि पाकिस्तानी हैंडलर्स भारतीय सरकारी कर्मचारियों को बहला-फुसलाकर और धन का लालच देकर गोपनीय सूचनाएं प्राप्त कर रहे हैं। गहन जांच के बाद, एटीएस की फील्ड इकाई आगरा ने 13 मार्च 2025 को रविंद्र कुमार से प्रारंभिक पूछताछ की और विस्तृत पूछताछ हेतु एटीएस मुख्यालय लखनऊ बुलाया। पूछताछ के दौरान, उसके फोन से पाकिस्तानी एजेंट को भेजे गए संवेदनशील दस्तावेज मिले, जिनके बारे में वह संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाया। इसके बाद, उसे गिरफ्तार कर लिया गया। 

बरामद सामग्री

गिरफ्तारी के दौरान रविंद्र कुमार के पास से निम्नलिखित सामग्री बरामद हुई:

मोबाइल फोन: 1 अदद

भारतीय आधार कार्ड: 1 अदद

वोटर कार्ड: 1 अदद

पैन कार्ड: 1 अदद

एटीएम डेबिट कार्ड: 3 अदद

नगद धनराशि: ₹6,220

मोबाइल फोन से बरामद गोपनीय दस्तावेज: 5 अदद

सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबक

यह घटना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण सबक है कि सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली जासूसी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाए। सरकारी कर्मचारियों को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है, ताकि वे ऐसे हनीट्रैप में न फंसें।

नागरिकों के लिए चेतावनी

सामान्य नागरिकों को भी सोशल मीडिया पर अज्ञात व्यक्तियों से सतर्क रहना चाहिए। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि देश की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

रविंद्र कुमार की गिरफ्तारी ने एक बार फिर साबित किया है कि सोशल मीडिया के माध्यम से देश की सुरक्षा को खतरा पहुंचाने की कोशिशें हो रही हैं। सभी नागरिकों और सरकारी कर्मचारियों को सतर्क रहकर ऐसी गतिविधियों को नाकाम करना होगा, ताकि भारत की सुरक्षा अक्षुण्ण रहे।


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