कलाकार जुहैब खान की 6 फुट की पेंटिंग: कोयले और चॉक से हिंदू-मुस्लिम भाईचारे का संदेश
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-15 15:00:50

अमरोहा, उत्तर प्रदेश के एक प्रतिभाशाली कलाकार जुहैब खान ने होली के पावन अवसर पर अपनी कला के माध्यम से एक ऐसा संदेश दिया है, जो समाज में सांप्रदायिक सौहार्द्र को प्रोत्साहित करता है। उन्होंने कोयले और चॉक का उपयोग करके 6 फुट लंबी एक पेंटिंग बनाई है, जिसमें एक हिंदू संत और एक मौलाना को एक-दूसरे को गले लगाते हुए दर्शाया गया है। यह कृति न केवल उनकी कला कौशल को प्रदर्शित करती है, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे का संदेश भी फैलाती है।
जुहैब खान की कला: कोयले और चॉक से बनी 6 फुट की पेंटिंग
होली के शुभ अवसर पर, जुहैब खान ने कोयले और चॉक का उपयोग करके 6 फुट लंबी एक पेंटिंग बनाई है। इस चित्र में एक हिंदू संत और एक मौलाना को एक-दूसरे को गले लगाते हुए दिखाया गया है, जो हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक है। जुहैब खान का कहना है, "चूंकि आज होली का पवित्र त्योहार है, मैंने कोयले और चॉक का उपयोग करके 6 फुट की पेंटिंग बनाई है। इस पेंटिंग में, मैंने एक हिंदू और एक मुस्लिम भाई को एक-दूसरे को गले लगाते हुए दिखाया है। इस कला के माध्यम से, मैं यह संदेश देना चाहता हूं कि हिंदू और मुस्लिम भाई हैं..."
कला के माध्यम से सांप्रदायिक सौहार्द्र का संदेश
जुहैब खान की यह पेंटिंग समाज में सांप्रदायिक सौहार्द्र और एकता का संदेश देती है। उनकी कृति यह दर्शाती है कि त्योहारों का असली मकसद लोगों को जोड़ना और प्रेम फैलाना है, चाहे उनकी धार्मिक पृष्ठभूमि कुछ भी हो। होली के मौके पर बनाई गई यह पेंटिंग विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह रंगों के त्योहार के माध्यम से समाज में रंग-बिरंगी एकता को प्रदर्शित करती है।
अमरोहा की कला संस्कृति में नया आयाम
अमरोहा, उत्तर प्रदेश की एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है, और जुहैब खान की यह कृति इस विरासत में एक नया आयाम जोड़ती है। उनकी पेंटिंग ने स्थानीय समुदाय में चर्चा का विषय बना दिया है, और लोग उनकी कला की प्रशंसा कर रहे हैं। यह कृति न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि व्यापक स्तर पर भी समाज में एकता और भाईचारे के संदेश को फैलाने में सहायक सिद्ध हो रही है।
कला के माध्यम से एकता का संदेश
जुहैब खान की यह पेंटिंग इस बात का उदाहरण है कि कैसे कला का उपयोग समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने और सांप्रदायिक सौहार्द्र को बढ़ावा देने के लिए किया जा सकता है। उनकी कृति हमें यह सिखाती है कि विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच प्रेम और सम्मान का संबंध होना चाहिए, और त्योहारों का असली उद्देश्य लोगों को एकजुट करना है। इस प्रकार, जुहैब खान की यह पेंटिंग समाज में एकता और भाईचारे के संदेश को फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।