सरकारी नौकरी के नाम पर 6 लाख की रिश्वत! NDMC घोटाले में बड़ा खुलासा


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-03-14 21:32:15



 

नई दिल्ली के VIP इलाकों की सफाई और रखरखाव के लिए जिम्मेदार NDMC (नई दिल्ली नगर पालिका परिषद) में एक भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक NDMC कर्मचारी और एक बिचौलिए को सहायक स्वच्छता निरीक्षक और स्वच्छता निरीक्षक के पदों पर नियुक्ति दिलाने के नाम पर 6 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

यह मामला तब खुला जब शिकायतकर्ताओं ने CBI को जानकारी दी कि एक सफाई कर्मचारी पूरन, NDMC में नौकरी दिलाने के बदले मोटी रकम वसूल रहा है। जांच में पुष्टि हुई कि रिश्वत की पहली किश्त के रूप में ₹50,000 लिए जा चुके थे, और आगे की राशि की मांग की जा रही थी।

कैसे हुआ भ्रष्टाचार का खुलासा? NDMC कर्मचारी पूरन पर लगे गंभीर आरोप

CBI को मिली शिकायत में बताया गया कि NDMC में कार्यरत सफाई कर्मचारी पूरन ने तीन शिकायतकर्ताओं और एक अन्य व्यक्ति से सहायक स्वच्छता निरीक्षक और स्वच्छता निरीक्षक के पदों पर नियुक्ति दिलाने के लिए ₹6 लाख की मांग की।

जांच में सामने आया कि:

पहले ही ₹50,000 रिश्वत के रूप में लिए जा चुके थे।

आरोपी ने दूसरी किश्त के रूप में ₹50,000 और लेने की मांग की।

बाकी ₹5 लाख की रकम नौकरी लगने के बाद देने के निर्देश दिए गए।

CBI ने पूरे मामले की निगरानी शुरू कर दी और जाल बिछाकर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ने का प्लान बनाया।

CBI का जाल – NDMC भर्ती घोटाले में बड़ी कार्रवाई

CBI ने पूरन को बिचौलिए विनोद के साथ ₹15,000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। रिश्वत की यह रकम उम्मीदवारों से वसूली जा रही थी, जिससे भ्रष्टाचार के इस संगठित खेल का खुलासा हुआ। CBI अधिकारियों के अनुसार, पूरन और विनोद की गिरफ्तारी के बाद NDMC में भर्ती प्रक्रिया की व्यापक जांच की जाएगी। इस केस से जुड़े अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।

सरकारी नौकरियों में रिश्वतखोरी – NDMC में कितने और भष्टाचार के मामले?

यह पहली बार नहीं है जब NDMC जैसे सरकारी संस्थानों में भ्रष्टाचार और नौकरी दिलाने के नाम पर पैसों की मांग का मामला सामने आया है। सरकारी नौकरियों में रिश्वतखोरी एक गंभीर समस्या बनती जा रही है, जिससे योग्य उम्मीदवारों को उचित अवसर नहीं मिल पाते। CBI पहले भी कई सरकारी विभागों में ऐसे भ्रष्टाचार रैकेट का पर्दाफाश कर चुकी है। NDMC जैसे प्रतिष्ठित विभागों में इस तरह की घटनाएं जनता के विश्वास को ठेस पहुंचाती हैं।

अब आगे क्या? CBI की जांच और भ्रष्टाचार पर कार्रवाई

CBI ने पूरन और विनोद को हिरासत में लेकर NDMC के अन्य अधिकारियों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। यदि अन्य अधिकारियों की संलिप्तता पाई जाती है, तो इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

इसके अलावा, सरकार अब भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल निगरानी प्रणाली लागू करने पर विचार कर सकती है।

सरकारी भर्ती में पारदर्शिता जरूरी!

NDMC भर्ती घोटाले का खुलासा इस बात का प्रमाण है कि भ्रष्टाचार सरकारी संस्थानों की जड़ों तक फैला हुआ है। ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि योग्य उम्मीदवारों को बिना रिश्वत दिए नौकरियां मिल सकें।

CBI की इस कार्रवाई से सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद की जा रही है।


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