कांगो संकट: एम23 विद्रोहियों के हमलों से हजारों विस्थापित, संयुक्त राष्ट्र चिंतित


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-03-14 21:22:58



 

अफ्रीका के हृदय स्थल कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) में एक बार फिर अशांति की लहर दौड़ गई है। रवांडा समर्थित एम23 विद्रोही समूह ने पूर्वी कांगो के प्रमुख शहर गोमा पर कब्जा जमा लिया है, जिससे क्षेत्र में तनाव और हिंसा बढ़ गई है। इस संकट ने न केवल स्थानीय नागरिकों के जीवन को प्रभावित किया है, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी बढ़ा दी है।

गोमा पर एम23 का कब्जा:

जनवरी 2025 के अंत में, एम23 विद्रोही समूह ने पूर्वी कांगो के सबसे बड़े शहर गोमा पर कब्जा कर लिया। इस घटना के बाद हजारों लोग अपने घरों से भागने को मजबूर हुए, जिससे मानवीय संकट गहरा गया है। गोमा में लूटपाट, बिजली और पानी की कमी जैसी समस्याएं उभर आई हैं, जिससे नागरिकों की परेशानियां और बढ़ गई हैं। 

एम23 विद्रोही समूह: एक परिचय

एम23 मुख्यतः जातीय तुत्सी समुदाय के सदस्यों का समूह है, जो पूर्वी कांगो में सक्रिय है। इसका गठन 2012 में हुआ था, जब उन्होंने सरकार के खिलाफ विद्रोह किया था। हालांकि, कुछ वर्षों तक निष्क्रिय रहने के बाद, 2022 में इसने फिर से सक्रियता दिखाई और अब गोमा पर कब्जा कर लिया है। विद्रोही समूह का दावा है कि वे कांगो में तुत्सी समुदाय की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं, जबकि आलोचकों का मानना है कि उनका उद्देश्य पूर्वी कांगो पर राजनीतिक और आर्थिक नियंत्रण स्थापित करना है। 

रवांडा और कांगो के बीच तनाव:

कांगो सरकार ने एम23 को रवांडा का समर्थन प्राप्त होने का आरोप लगाया है, जिसे रवांडा ने खारिज किया है। यह तनाव 1994 के रवांडा नरसंहार के बाद से जारी है, जब लाखों हुतु शरणार्थी कांगो में आ बसे थे। रवांडा का दावा है कि कांगो में मौजूद हुतु मिलिशिया उसके लिए खतरा हैं, जबकि एम23 का कहना है कि वे तुत्सी समुदाय की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं। 

मानवीय संकट और संयुक्त राष्ट्र की चिंता:

गोमा पर एम23 के कब्जे के बाद, संयुक्त राष्ट्र ने क्षेत्र में बिगड़ती मानवीय स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, हालिया हिंसा में कम से कम 700 लोग मारे गए हैं और 2,800 से अधिक घायल हुए हैं। इसके अलावा, लाखों लोग विस्थापित हुए हैं, जिन्हें भोजन, पानी और चिकित्सा सहायता की सख्त जरूरत है। संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने चेतावनी दी है कि स्थिति निराशाजनक से विनाशकारी होती जा रही है, क्योंकि लोगों के पास भोजन और अन्य आपूर्ति समाप्त हो रही है। 

अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया:

अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने कांगो में बढ़ती हिंसा पर चिंता जताई है। अंगोला के राष्ट्रपति जोआओ लौरेंको, जो संघर्ष में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं, ने डीआरसी के राष्ट्रपति फेलिक्स त्शिसेकेदी से मुलाकात की है। दोनों नेताओं ने शत्रुता को हल करने के लिए अन्य अफ्रीकी देशों के साथ काम करने की प्रतिबद्धता जताई है। 

भविष्य की चुनौतियाँ:

कांगो में जारी संघर्ष ने क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डाल दिया है। यदि हिंसा जारी रहती है, तो यह व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकती है, जिससे अफ्रीका के इस हिस्से में और अधिक अस्थिरता फैल सकती है। इसलिए, सभी संबंधित पक्षों के लिए यह आवश्यक है कि वे संवाद और शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में कदम बढ़ाएं, ताकि निर्दोष नागरिकों की जान बचाई जा सके और क्षेत्र में स्थिरता लाई जा सके।

कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में एम23 विद्रोही समूह की गतिविधियों ने देश को एक बार फिर संकट में डाल दिया है। गोमा पर कब्जे से न केवल स्थानीय नागरिक प्रभावित हुए हैं, बल्कि क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्थिरता पर भी खतरा मंडरा रहा है। इस संकट का समाधान संवाद, सहयोग और शांतिपूर्ण प्रयासों के माध्यम से ही संभव है, ताकि कांगो और उसके पड़ोसी देशों में स्थायी शांति स्थापित की जा सके।


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