7 वर्षीय बालक बोरवेल में गिरा: ग्रामीणों की सूझबूझ से सुरक्षित बचाव
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-14 10:45:24

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के मेवदा गांव में एक 7 वर्षीय बालक के सूखे बोरवेल में गिरने की घटना ने सभी को चौंका दिया। खुशकिस्मती से, स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों की तत्परता से बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
घटना का विवरण:
मेवदा गांव की बैरवा बस्ती में होलिका दहन से कुछ घंटे पहले, दोपहर लगभग 1 बजे, 7 वर्षीय राहुल जाटिया खेलते-खेलते एक खुले बोरवेल में गिर गया। बोरवेल की गहराई अधिक होने के बावजूद, राहुल लगभग 7 फीट की गहराई पर अटक गया था, क्योंकि उसने अपने हाथ और पैर फैला रखे थे, जिससे वह और गहराई में नहीं जा सका।
रेस्क्यू ऑपरेशन की त्वरित कार्रवाई:
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया। कपासन तहसीलदार, थानाधिकारी और उनकी टीम जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंची। रेस्क्यू टीम ने बोरवेल के समांतर 5-6 फीट की खुदाई की, जिससे राहुल तक पहुंचना संभव हो सका। लगभग 2 घंटे के प्रयास के बाद, टीम ने राहुल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
स्वास्थ्य परीक्षण और वर्तमान स्थिति:
राहुल को बाहर निकालने के तुरंत बाद कपासन अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया। रिपोर्ट्स के अनुसार, राहुल की स्थिति सामान्य है और उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई है।
परिवार और समुदाय की प्रतिक्रिया:
राहुल के सुरक्षित बचाव के बाद, उसके परिवार और गांववासियों ने राहत की सांस ली। परिजनों ने कपासन तहसीलदार, थानाधिकारी और रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल सभी सदस्यों का धन्यवाद किया।
भविष्य के लिए सतर्कता की आवश्यकता:
यह घटना चित्तौड़गढ़ जिले में अपनी तरह की पहली घटना है, जहां कोई बच्चा बोरवेल में गिरा हो। सरकार ने खुले बोरवेल को बंद करने के सख्त आदेश जारी किए हैं, लेकिन कई स्थानों पर अभी भी खुले बोरवेल मौजूद हैं। इस हादसे के बाद, उम्मीद है कि प्रशासन इस ओर ध्यान देगा और खुले बोरवेल को बंद करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।
राहुल की इस घटना ने एक बार फिर से खुले बोरवेल की सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाई है। स्थानीय प्रशासन और समुदाय की त्वरित प्रतिक्रिया से एक बड़ी दुर्घटना टल गई। आवश्यक है कि भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए सभी खुले बोरवेल को बंद किया जाए और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।