तेलंगाना सुरंग हादसा: 20वें दिन भी जारी है बचाव कार्य, अत्याधुनिक तकनीक का सहारा


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-03-14 07:02:30



 

तेलंगाना के नागरकुरनूल जिले में स्थित श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (एसएलबीसी) सुरंग में 22 फरवरी 2025 को हुए हादसे में आठ मजदूर फंस गए थे। आज, 12 मार्च 2025 को, इस घटना को 19 दिन व्यतीत हो चुके हैं, और बचाव कार्य निरंतर जारी है। सुरंग के अंदर की जटिल परिस्थितियों के बावजूद, बचाव दल अत्याधुनिक तकनीक और उपकरणों का उपयोग करके फंसे हुए मजदूरों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

बचाव कार्य में अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग

बचाव अभियान में नई तकनीकों का समावेश किया गया है। हैदराबाद स्थित एक रोबोटिक्स कंपनी की टीम ने सुरंग में एआई-आधारित कैमरे से लैस रोबोट भेजा है, जो सुरंग के अंदर की स्थिति का मूल्यांकन करने में मदद कर रहा है। इसके अलावा, ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (जीपीआर) सर्वेक्षण और खोजी कुत्तों की सहायता से संदिग्ध स्थानों की पहचान की गई है, जहां बचाव दल अपने प्रयास केंद्रित कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री का दौरा और निर्देश

राज्य के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने 2 मार्च को घटनास्थल का दौरा किया था और बचाव कार्यों की समीक्षा की थी। उन्होंने बचावकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रोबोट का इस्तेमाल करने की सलाह दी थी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सभी आवश्यक संसाधनों का उपयोग करके फंसे हुए मजदूरों को जल्द से जल्द बाहर निकालने के लिए हर संभव प्रयास करें।

विशेष मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक

राज्य के विशेष मुख्य सचिव (आपदा प्रबंधन) अरविंद कुमार ने बचाव प्रयासों में शामिल विभिन्न एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने गुरप्रीत सिंह का शव सफलतापूर्वक निकालने के लिए बचाव कर्मियों की सराहना की और आगे के प्रयासों में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बचाव कार्य में रोबोट्स के उपयोग का दायरा बढ़ाया जाएगा, ताकि सुरंग के अंदर की स्थिति का सटीक आकलन किया जा सके।

बचाव अभियान में चुनौतियाँ

सुरंग के अंदर पानी और कीचड़ की अधिकता के कारण बचाव अभियान में कई तकनीकी चुनौतियाँ सामने आई हैं। टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) के टुकड़े मलबे में दबे होने से बचाव दल के लिए खतरा बढ़ गया है। इन परिस्थितियों में रोबोट्स का उपयोग एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है, जिससे बचाव अभियान में तेजी लाई जा सके।

परिवारों की उम्मीदें और सरकार का समर्थन

फंसे हुए मजदूरों के परिवारजन सरकार और बचाव दल के प्रयासों पर भरोसा रखते हुए अपने प्रियजनों की सुरक्षित वापसी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। राज्य सरकार ने बचाव अभियान में हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है और रोबोट्स के उपयोग के लिए आवश्यक वित्तीय समर्थन भी प्रदान किया है।

तेलंगाना के एसएलबीसी सुरंग हादसे ने पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया है। अत्याधुनिक तकनीक और रोबोट्स के उपयोग से बचाव अभियान में तेजी आने की उम्मीद है। सभी की प्रार्थनाएँ फंसे हुए मजदूरों की सुरक्षित वापसी के लिए हैं, और बचाव दल अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा से कर रहे हैं।


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