बलूचिस्तान में आतंक का तांडव! BLA ने जाफर एक्सप्रेस हाईजैक कर दी खौफनाक धमकी
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-13 08:34:56

बलूचिस्तान में जाफर एक्सप्रेस का हाईजैक पाकिस्तान के लिए एक बड़े संकट का संकेत है। BLA (बलूच लिबरेशन आर्मी) के आतंकियों ने इस ट्रेन को अगवा कर लिया, जिसमें सैकड़ों यात्री सवार थे। इस हमले में पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई है। आतंकियों ने धमकी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो बड़ा खूनखराबा होगा।
जाफर एक्सप्रेस हाईजैक: कैसे हुआ हमला?
बलूचिस्तान में 11 मार्च 2025 को जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक किया गया। यह ट्रेन क्वेटा से पेशावर की ओर जा रही थी। मस्काफ इलाके में सुरंग नंबर 8 के पास आतंकवादियों ने पटरी पर बम विस्फोट कर ट्रेन को रोक दिया। इसके बाद उन्होंने इंजन पर गोलीबारी की, जिससे ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया।
कितने लोग बने बंधक?
BLA ने दावा किया है कि उन्होंने 214 यात्रियों को बंधक बना लिया है, जिनमें से कई पाकिस्तानी सेना, पुलिस और ISI के जवान हैं। हालांकि, पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस दावे को खारिज किया है और कहा है कि ट्रेन में कोई सैन्य अधिकारी नहीं था।
BLA की मांगें और धमकियां
BLA ने 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है और चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे:
ट्रेन को उड़ा देंगे।
10 बंधकों को फांसी पर लटका देंगे।
बलूच कैदियों की रिहाई चाहते हैं।
पाकिस्तानी सेना का जवाबी हमला
पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने आतंकियों को घेर लिया और बचाव अभियान शुरू किया। इस दौरान भारी गोलीबारी और हवाई हमले हुए। BLA के आतंकियों ने दावा किया कि उन्होंने पाकिस्तानी सैनिकों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।
BLA और बलूचिस्तान में उथल-पुथल
BLA बलूचिस्तान में कई वर्षों से सक्रिय है और वह पाकिस्तान से अलगाव चाहता है। उनका आरोप है कि सरकार बलूचिस्तान के संसाधनों का शोषण कर रही है और वहां के लोगों को उनका हक नहीं मिल रहा।
चीन को भी मिली चेतावनी!
BLA ने चीन और पाकिस्तान दोनों को चेतावनी दी है कि वे बलूचिस्तान से बाहर निकल जाएं। यह चेतावनी चीन के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि वह CPEC (चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर) में भारी निवेश कर रहा है।
पाकिस्तान के लिए बड़ा संकट!
जाफर एक्सप्रेस हाईजैक पाकिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था की नाकामी को उजागर करता है। यह न केवल पाकिस्तान, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए खतरे की घंटी है। अब देखना होगा कि पाकिस्तानी सरकार इस संकट से कैसे निपटती है।