SLBC सुरंग त्रासदी: गुरप्रीत सिंह का शव बरामद, सात मजदूरों की तलाश जारी
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-13 07:07:31

तेलंगाना के नागरकर्नूल जिले में श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (SLBC) सुरंग हादसे के बाद से बचाव अभियान लगातार जारी है। आठ मजदूरों के फंसे होने की खबर से पूरा देश चिंतित है, और अब रोबोटिक तकनीक की सहायता से इस अभियान में नई उम्मीद जगी है।
घटना का विवरण: सुरंग धंसने से आठ मजदूर फंसे
22 फरवरी 2025 को नागरकर्नूल जिले में निर्माणाधीन SLBC सुरंग का एक हिस्सा धंस गया, जिससे वहां कार्यरत कई मजदूर फंस गए। हादसे के समय कुछ मजदूर बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन आठ मजदूर सुरंग में ही फंसे रह गए।
बचाव अभियान: चुनौतियां और प्रयास
हादसे के बाद से राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), सेना, नौसेना और अन्य एजेंसियों की टीमें लगातार बचाव कार्य में जुटी हैं। सुरंग के अंदर ऑक्सीजन की कमी, पानी का रिसाव और सुरंग बोरिंग मशीन (TBM) के हिस्सों के कारण बचाव कार्य में कठिनाइयां आ रही हैं।
गुरप्रीत सिंह का शव बरामद: एक दुखद मोड़
9 मार्च 2025 को बचाव दल ने सुरंग के अंदर से एक शव बरामद किया, जिसकी पहचान पंजाब के गुरदासपुर निवासी गुरप्रीत सिंह के रूप में हुई। शव मशीन में फंसा हुआ था, जिससे केवल हाथ दिखाई दे रहा था। शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरकर्नूल सिविल अस्पताल भेजा गया और बाद में उनके पैतृक स्थान पंजाब भेजा गया।
रोबोटिक तकनीक की तैनाती: बचाव अभियान में नई दिशा
तेलंगाना सरकार ने 11 मार्च से बचाव अभियान में रोबोटिक तकनीक का उपयोग करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री अ रेवंत रेड्डी ने इस तकनीक के उपयोग पर जोर दिया है, जिससे बचाव कार्य में तेजी लाई जा सके। हैदराबाद स्थित एनवी रोबोटिक्स की टीम ने सुरंग स्थल का दौरा किया और रोबोट्स के उपयोग की संभावनाओं का मूल्यांकन किया।
कैडावर डॉग्स की सहायता: मानव अवशेषों का पता चला
बचाव अभियान में केरल पुलिस के बेल्जियन मेलिनोइस नस्ल के कैडावर डॉग्स की भी सहायता ली गई। इन कुत्तों ने सुरंग के अंदर मानव अवशेषों की गंध का पता लगाया, जिससे बचाव दल को आगे की रणनीति बनाने में सहायता मिली।
सरकारी प्रयास और प्रतिबद्धता: मजदूरों के परिवारों को आश्वासन
तेलंगाना के सिंचाई मंत्री एन उत्तम कुमार रेड्डी ने सुरंग स्थल का दौरा किया और बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने इस घटना को राष्ट्रीय आपदा करार देते हुए कहा कि सरकार सर्वोत्तम वैश्विक तकनीक का उपयोग कर रही है और मजदूरों के परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
उम्मीद की किरण
SLBC सुरंग हादसे के बाद से बचाव अभियान में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, लेकिन रोबोटिक तकनीक और कैडावर डॉग्स की सहायता से अब उम्मीद की नई किरण दिखाई दे रही है। पूरा देश प्रार्थना कर रहा है कि शेष मजदूरों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।