सावधान! बाजार में बिक रही हैं नकली जीवनरक्षक दवाएं, पश्चिम बंगाल से हुआ बड़ा खुलासा
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-12 10:15:43

नकली दवाओं का बड़ा खुलासा – करोड़ों की जब्ती से मचा हड़कंप!
पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के अमटा क्षेत्र में ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने वाली नकली दवाओं का खुलासा होने से स्वास्थ्य जगत में हड़कंप मच गया है। ड्रग्स कंट्रोल निदेशालय द्वारा की गई इस छापेमारी में करोड़ों की नकली दवाएं बरामद की गईं। यह मामला तब सामने आया जब एक प्रसिद्ध दवा कंपनी ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड की टेल्मा एएम 40 दवा की नकली खेप पकड़ी गई। इन दवाओं के बैच नंबर 05240367 असली दवाओं से मिलते-जुलते थे, जिससे बाजार में बड़ा भ्रम फैल गया।
नकली दवाओं का जाल – कैसे हुआ पर्दाफाश?
ड्रग्स कंट्रोल निदेशालय ने इस घोटाले का भंडाफोड़ करने के लिए निर्माता कंपनी को पत्र लिखकर जानकारी मांगी कि नकली दवाओं में असली के कौन-कौन से तत्वों की नकल की गई है। कंपनी ने अपनी निर्माण प्रक्रिया साझा की, जिससे पुष्टि हुई कि बाजार में मौजूद बैच नंबर 05240367 की दवाएं नकली हैं।
जब इन नकली दवाओं के QR कोड को स्कैन किया गया, तो "could not be verified" का त्रुटि संदेश दिखाई दिया। इसके अलावा, दवा का नाम गलत ढंग से लिखा गया था और इसकी संरचना भारतीय फार्माकोपिया आयोग (IPC) के गुणवत्ता मानकों को पूरा नहीं कर रही थी।
नकली दवाओं के खिलाफ सरकार की सख्ती
इस खुलासे के बाद, राज्य ड्रग कंट्रोल विभाग ने सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को निर्देश दिए कि वे बाजार में आई इस बैच की दवाओं का QR कोड स्कैन करें और केवल प्रमाणित दवाएं ही मरीजों को दी जाएं।
इसके अलावा, थोक और खुदरा विक्रेताओं को भी निर्देश दिया गया कि वे इस बैच की दवाओं की सत्यता की पुष्टि करने के बाद ही बिक्री करें।
17 लाख की दवाएं जब्त – मन्ना एजेंसी के गोदाम पर छापा
फरवरी 2025 में, राज्य ड्रग कंट्रोल विभाग के अधिकारियों ने अमटा स्थित मन्ना एजेंसी के गोदाम पर छापा मारा, जहां से ₹17 लाख की नकली दवाएं जब्त की गईं।
इससे पहले, कोलकाता में ₹6.5 करोड़ की नकली जीवनरक्षक दवाएं भी बरामद की गई थीं। केंद्रीय ड्रग्स कंट्रोल द्वारा दी गई सूचना के आधार पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
बिहार से आई थीं नकली दवाएं – पूरे देश में फैल चुका है नेटवर्क!
जांच के दौरान पता चला कि नकली दवाओं की यह खेप बिहार से मंगाई गई थी। इसके बाद, मन्ना एजेंसी, अमटा ने इन दवाओं को पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में वितरित किया।
ड्रग कंट्रोल विभाग के सूत्रों के अनुसार, देशभर में 44 प्रकार की घटिया दवाएं फैली हुई हैं, जिनमें मिलावटी और नकली तत्व मिले हैं।
QR कोड सुरक्षा उपाय – नकली दवाओं को रोकने के लिए उठाए गए कदम
2023 में, केंद्र सरकार ने 300 आवश्यक दवाओं पर QR कोड लगाने का आदेश दिया था ताकि उनकी गुणवत्ता और प्रामाणिकता सुनिश्चित की जा सके।
हाल ही में, इस सुरक्षा व्यवस्था को भी हैक कर नकली दवाओं का QR कोड बनाया गया, जिसे ड्रग कंट्रोल विभाग ने उजागर किया।
अंततः, क्या कहती है सरकार?
इस मामले में अमटा की मन्ना एजेंसी के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। यह सामने आया कि इस एजेंसी ने अब तक ₹1.86 करोड़ की नकली दवाओं की आपूर्ति कर दी थी।
सरकार ने जनता को चेतावनी दी है कि वे दवाएं खरीदने से पहले उनका QR कोड स्कैन करें और यदि कोई संदेह हो, तो तुरंत इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।
मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ नहीं सहन होगा!
यह घटना पूरे देश के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि नकली दवाओं का धंधा बड़े पैमाने पर फल-फूल रहा है। ड्रग्स कंट्रोल विभाग और सरकार को इस तरह के रैकेट पर कड़ी निगरानी रखनी होगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
सावधान रहें! दवाएं खरीदने से पहले उनकी सत्यता की जांच करें और नकली दवाओं से अपनी जान बचाएं!