टेलीकॉम संसाधनों के दुरुपयोग पर बड़ा प्रहार: फर्जी सिम कार्ड पर तीन साल की जेल और 50 लाख तक का जुर्माना
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-11 06:32:35

♦ दूरसंचार विभाग (DoT) ने साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी रोकने के लिए उठाए कड़े कदम
डिजिटल क्रांति के युग में भारत सरकार ने दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने और साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए टेलीकॉम कानून 2023 को लागू किया है। इस नए कानून के तहत, फर्जी सिम कार्ड लेने, टेलीकॉम संसाधनों के साथ छेड़छाड़ करने या इन्हें अवैध रूप से इस्तेमाल करने पर तीन साल तक की सजा और 50 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
टेलीकॉम संसाधनों के दुरुपयोग के बढ़ते मामले
दूरसंचार विभाग (DoT) के अनुसार, साइबर अपराधी और धोखेबाज लोग विभिन्न तरीके अपनाकर टेलीकॉम संसाधनों का दुरुपयोग कर रहे हैं।
फर्जी दस्तावेजों के जरिए सिम कार्ड हासिल करना।
दूसरों के नाम पर जारी सिम कार्ड का अवैध उपयोग करना।
कॉलिंग लाइन आइडेंटिटी (CLI), आईपी एड्रेस, IMEI नंबर, और SMS हेडर जैसी टेलीकॉम पहचान को बदलना।
थोक एसएमएस भेजकर धोखाधड़ी करना।
DoT ने चेतावनी दी है कि ऐसे अपराध न केवल दूरसंचार कानून 2023 के तहत दंडनीय हैं बल्कि यह भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत भी गंभीर अपराध माने जाएंगे।
टेलीकॉम कानून 2023: कठोर दंड का प्रावधान
नए कानून के तहत निम्नलिखित प्रावधान किए गए हैं:
धारा 42 (3) (c): टेलीकॉम पहचान में छेड़छाड़ को प्रतिबंधित करता है।
धारा 42 (3) (e): धोखाधड़ी, चीटिंग या व्यक्ति-भेष धारण कर सिम कार्ड या अन्य टेलीकॉम संसाधन प्राप्त करने पर प्रतिबंध।
धारा 42 (7): यह अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती होंगे।
सजा: तीन साल तक की जेल, 50 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों।
फर्जी सिम कार्ड और साइबर अपराध के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
टेलीकॉम कानून लागू होने के बाद देशभर में साइबर अपराध और फर्जी सिम कार्ड के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है।
बिहार में 5,000 फर्जी सिम कार्ड किए गए निष्क्रिय
बिहार में दूरसंचार विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 5,000 फर्जी सिम कार्ड निष्क्रिय किए गए हैं, जो विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए गए थे। इसके अलावा, ऐसे सिम कार्ड जारी करने में शामिल 2,387 प्वाइंट ऑफ सेल (PoS) ब्लैकलिस्ट किए गए हैं। (Techlusive.in)
दिल्ली और मुंबई में फर्जी दस्तावेजों से लिए गए हजारों सिम कार्ड जब्त
दिल्ली और मुंबई में एक विशेष अभियान के तहत फर्जी आधार और अन्य दस्तावेजों से प्राप्त हजारों सिम कार्ड जब्त किए गए हैं, जिन्हें साइबर अपराधी ऑनलाइन धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल कर रहे थे।
गुजरात और राजस्थान में सिम कार्ड रैकेट का भंडाफोड़
गुजरात और राजस्थान में पुलिस ने ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो फर्जी पहचान पत्रों पर सिम कार्ड जारी कर साइबर अपराधियों को बेच रहे थे।
नागरिकों के लिए सरकार की सख्त चेतावनी
दूरसंचार विभाग (DoT) ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है और कहा है कि वे:
अपनी पहचान का किसी को दुरुपयोग न करने दें।
फर्जी सिम कार्ड का उपयोग करने से बचें।
किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या संबंधित अधिकारियों को दें।
प्रधानमंत्री और गृहमंत्री का बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने साइबर अपराध और ड्रग ट्रैफिकिंग में फर्जी सिम कार्ड के इस्तेमाल पर गहरी चिंता जताई है।
गृहमंत्री अमित शाह ने एक पोस्ट में कहा, "भारत सरकार साइबर अपराध और ड्रग माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में, भारत को नशा और साइबर धोखाधड़ी से मुक्त बनाना हमारा संकल्प है।"
डिजिटल सुरक्षा की ओर बड़ा कदम
टेलीकॉम कानून 2023 के तहत उठाए गए ये कड़े कदम भारत में डिजिटल सुरक्षा को सुदृढ़ करेंगे और साइबर अपराधों पर लगाम लगाएंगे। सरकार की इस कार्रवाई से न केवल आम नागरिक सुरक्षित रहेंगे, बल्कि भारत का डिजिटल और दूरसंचार तंत्र भी अधिक मजबूत होगा।