आत्म निर्भरता से लेकर पीड़ित तक पहुँचने वह रोज़गार तक की कहानी मानव अधिकार और सामाजिक कल्याण संघ
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-09 07:48:15

सशक्तिकरण और महिला अधिकारों को ध्यान में रखते हुए हर साल आठ मार्च अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पूरे विश्व में मनाया जाता है कि यह दिन पूरी तरह से महिलाओं के लिए समर्पित है ,नारी शक्ति ही नहीं संसार की जननी है जब एक महिला आगे बढ़ती है तो परिवार समाज और देश परगति करता है एक महिला केवल घर नहीं संभालती है वे पूरी दुनिया बदल सकती है इसी प्रकार मैं उन महिलाओं को उनकी इच्छा अनुसार हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन देती हूँ महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने व महिलाओं को सम्मान ,भागीदारी दिलवाने के लिए मेरा पूरा योगदान रहता है हर गाँव गाँव हर मोहले से महिलाओं को रोज़गार दिलवाने के लिए जगह जगह सिलाई सेंटर खुलवाना हो जिनसे वह सक्षम हो और अपने रोज़मर्रा की ज़िंदगी को जी सकें आर्थिक स्थिति से कमज़ोर महिलाओं को निशुल्क विधि सलाह समय समय पर महिला सशक्तिकरण व जागरूकता प्रशिक्षण प्रदान करना घरेलू वह सामाजिक तौर पर परेशान की गई महिलाओं की मदद करना लड़कियों को आत्मरक्षा शिविर लगाकर अपनी रक्षा करने के लिए मज़बूत बनाना वह बच्चों को संस्कार वह योगा शिविर लगाकर उनकी नींव मज़बूत करने में पूरी भागीदारी के साथ अपनी ज़िम्मेदारी निभाती हैं