राजस्‍थान इंटरनेशनल सेंटर में 12वें 3आर फोरम का सफल आयोजन: 24 देशों की सहभागिता


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-03-08 14:24:14



 

जयपुर के राजस्‍थान इंटरनेशनल सेंटर में 3 से 5 मार्च 2025 तक आयोजित 12वें क्षेत्रीय 3आर और सर्कुलर इकोनॉमी फोरम ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र के 24 सदस्‍य देशों और लगभग 200 अंतर्राष्‍ट्रीय प्रतिनिधियों की सहभागिता के साथ सर्कुलर अर्थव्‍यवस्‍था की दिशा में महत्‍वपूर्ण कदम उठाए हैं। इस भव्‍य आयोजन ने संसाधन-कुशल समाज की परिकल्‍पना को साकार करने की दिशा में नए आयाम स्‍थापित किए हैं।

फोरम का उद्देश्‍य और थीम

इस वर्ष के फोरम का मुख्‍य विषय "एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सतत विकास लक्ष्‍यों और कार्बन तटस्‍थता को प्राप्‍त करने की दिशा में सर्कुलर समाजों को साकार करना" था। इसका उद्देश्‍य 3आर (रिड्यूस, रीयूज, रीसायकल) सिद्धांतों को बढ़ावा देना और सर्कुलर इकोनॉमी के माध्‍यम से सतत विकास लक्ष्‍यों (एसडीजी) और कार्बन न्‍यूट्रैलिटी को हासिल करना था। 

प्रतिभागियों की सहभागिता

फोरम में एशिया-प्रशांत क्षेत्र के 24 सदस्‍य देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिसमें लगभग 200 अंतर्राष्‍ट्रीय प्रतिनिधि शामिल थे। इसके अलावा, भारत सरकार के 15 लाइन मंत्रालयों, लगभग सभी राज्‍यों/केंद्र शासित प्रदेशों, 60 से अधिक शहरों, 40 से अधिक स्‍टार्ट-अप और व्‍यवसायों, और लगभग 120 वक्‍ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। 

प्रमुख गतिविधियाँ और सत्र

तीन दिवसीय इस फोरम में पूर्ण सत्र, देश-विशिष्‍ट चर्चाएँ, थीम-आधारित गोलमेज सम्‍मेलन, और जानकारी के आदान-प्रदान एवं नेटवर्किंग के अवसर शामिल थे। प्रतिभागियों को ठोस और तरल अपशिष्‍ट प्रबंधन सुविधाओं का तकनीकी क्षेत्र दौरा करने और जयपुर के प्रमुख विरासत स्‍थलों का दौरा करने का भी अवसर मिला। 

'इंडिया पैवेलियन' की विशेषता

फोरम में एक समर्पित 'इंडिया पैवेलियन'स्‍थापित किया गया था, जिसमें भारत की 3आर और सर्कुलर इकोनॉमी डोमेन में उल्‍लेखनीय पहलों और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया। इस पैवेलियन में प्रमुख मंत्रालयों और राष्‍ट्रीय मिशनों की प्रदर्शनी लगाई गई, जो सतत विकास के लिए भारत के समग्र सरकारी दृष्टिकोण को दर्शाती हैं। 

जयपुर घोषणा का अंगीकरण

फोरम का समापन जयपुर घोषणा के अंगीकरण के साथ हुआ, जिसका उद्देश्‍य एशिया-प्रशांत देशों में संसाधन-कुशल, सर्कुलर इकोनॉमी में परिवर्तन को सक्षम बनाना है। यह घोषणा हनोई घोषणा (2013-23) पर आधारित है और भाग लेने वाले देशों को 3आर और सर्कुलर इकोनॉमी नीतियों और कार्यक्रमों को विकसित करने के लिए एक रूपरेखा प्रदान करती है। 

भविष्‍य की दिशा

इस फोरम ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में 3आर और सर्कुलर इकोनॉमी के महत्‍व को रेखांकित किया है। 'जयपुर घोषणा' के माध्‍यम से सदस्य देशों ने संसाधन-कुशल और सर्कुलर इकोनॉमी की दिशा में अपने प्रयासों को मजबूत करने का संकल्‍प लिया है, जो सतत विकास लक्ष्यों और कार्बन तटस्‍थता को प्राप्‍त करने में सहायक होगा।


global news ADglobal news AD