प्रवर्तन निदेशालय की बड़ी कार्रवाई: मंत्री सेंथिल बालाजी के समर्थकों के ठिकानों पर छापेमारी


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-03-08 11:20:34



 

तमिलनाडु के करूर जिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने संयुक्त रूप से एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई में मंत्री वी. सेंथिल बालाजी के समर्थकों से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की गई, जिससे राज्य की राजनीति में हलचल मच गई है।

छापेमारी का विवरण:

ईडी और सीआरपीएफ की टीमों ने करूर में कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इनमें कोंगु मेस के मालिक मणि, ठेकेदार एम. शंकर आनंद, और शक्ति मेस के मालिक कार्ति के आवास और व्यावसायिक परिसरों शामिल थे। ये सभी मंत्री वी. सेंथिल बालाजी के करीबी सहयोगी माने जाते हैं।

कार्रवाई के कारण:

सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी कथित धनशोधन और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों से संबंधित थी। ईडी को इन व्यक्तियों के खिलाफ वित्तीय लेन-देन में गड़बड़ी की शिकायतें मिली थीं, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई।

मंत्री वी. सेंथिल बालाजी की प्रतिक्रिया:

मंत्री वी. सेंथिल बालाजी ने इस छापेमारी पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है। उन्होंने कहा, "मेरे समर्थकों को निशाना बनाकर मुझे कमजोर करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हम सच्चाई के साथ हैं और न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है।"

राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ:

इस कार्रवाई पर राज्य की राजनीति में तीखी प्रतिक्रियाएँ देखने को मिली हैं। विपक्षी दलों ने इसे कानून के शासन की जीत बताया है, जबकि सत्तारूढ़ दल ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। डीएमके के वरिष्ठ नेता ने कहा, "यह कार्रवाई यह साबित करती है कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है।" वहीं, एआईएडीएमके के प्रवक्ता ने कहा, "यह हमारे नेताओं को बदनाम करने की साजिश है।"

स्थानीय जनता की प्रतिक्रिया:

करूर के स्थानीय निवासियों के बीच इस छापेमारी को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएँ हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यह भ्रष्टाचार के खिलाफ जरूरी कदम है, जबकि अन्य इसे राजनीतिक खेल का हिस्सा मानते हैं। एक स्थानीय व्यापारी ने कहा, "यदि अनियमितताएँ हैं, तो जांच होनी चाहिए, लेकिन यह सुनिश्चित होना चाहिए कि निर्दोष लोग प्रभावित न हों।"

तमिलनाडु के करूर में हुई इस छापेमारी ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच के परिणाम क्या आते हैं और इससे राज्य की राजनीतिक स्थिति पर क्या प्रभाव पड़ता है। जनता को उम्मीद है कि सच्चाई सामने आएगी और न्याय होगा।


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