खन्ना में मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: अवैध निर्माण ध्वस्त


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-03-07 14:12:03



 

पंजाब में नशे के खिलाफ जारी 'वॉर ऑन ड्रग्स' अभियान के तहत खन्ना शहर में प्रशासन ने मादक पदार्थ तस्करों की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाकर एक सख्त संदेश दिया है। यह कार्रवाई स्थानीय निवासियों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है, जो सरकार की इस कठोर पहल की सराहना कर रहे हैं।

अवैध संपत्तियों पर प्रशासन का प्रहार

खन्ना के मीट मार्केट क्षेत्र में नगर परिषद की भूमि पर अवैध रूप से निर्मित छह ढांचों को ध्वस्त किया गया। इन संपत्तियों का निर्माण मादक पदार्थों की अवैध कमाई से किया गया था। नगर परिषद अधिकारियों और खन्ना पुलिस ने संयुक्त रूप से इस कार्रवाई को अंजाम दिया। यह कदम न केवल अवैध कब्जों को हटाने के लिए उठाया गया, बल्कि नशा तस्करों के खिलाफ एक मजबूत संदेश देने के लिए भी था। 

स्थानीय समुदाय की प्रतिक्रिया

इस कार्रवाई के बाद स्थानीय निवासियों ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। एक स्थानीय निवासी ने कहा, "हम सरकार की इस मजबूत मुहिम की दिल से सराहना करते हैं, जो नशे के खिलाफ चल रही है। यह एक उल्लेखनीय प्रयास है जो इससे पहले किसी भी सरकार ने नहीं किया। यह पहल वास्तव में सराहनीय है।" निवासियों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाइयों से समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ेगी और युवाओं को सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करेगी।

एसएसपी ज्योति यादव का बयान

खन्ना की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ज्योति यादव ने इस कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि नगर परिषद ने उन व्यक्तियों को नोटिस जारी किए थे जिन्होंने सरकारी भूमि पर अनधिकृत संरचनाओं का निर्माण किया था। इन नोटिसों के बावजूद कार्रवाई न होने पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया। एसएसपी यादव ने कहा, "नगर परिषद ने उन व्यक्तियों को नोटिस जारी किए थे जिन्होंने सरकारी भूमि पर अनधिकृत संरचनाओं का निर्माण किया था।" उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की कार्रवाई से नशा तस्करों के हौसले पस्त होंगे और समाज में कानून का शासन स्थापित होगा।

पिछली कार्रवाइयाँ और सरकार की प्रतिबद्धता

यह पहली बार नहीं है जब पंजाब में नशा तस्करों के खिलाफ इस प्रकार की कार्रवाई की गई है। पिछले सप्ताह खन्ना पुलिस ने पायल उपमंडल में नशा तस्करों की तीन संपत्तियों को फ्रीज किया था। सरकार की यह मुहिम नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी राज्य में नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का संकल्प व्यक्त किया है। उनका मानना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाइयों से राज्य में नशे की समस्या पर काबू पाया जा सकता है।

न्यायिक प्रक्रिया और मानवाधिकारों का सम्मान

हालांकि, इस तरह की कार्रवाइयों के दौरान यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि न्यायिक प्रक्रिया का पालन हो और मानवाधिकारों का सम्मान बना रहे। अवैध संपत्तियों को ध्वस्त करने से पहले संबंधित व्यक्तियों को उचित नोटिस और सुनवाई का अवसर प्रदान किया जाना चाहिए। एसएसपी ज्योति यादव ने बताया कि नगर परिषद ने अनधिकृत संरचनाओं के निर्माणकर्ताओं को पहले ही नोटिस जारी किए थे, जो कानूनी प्रक्रिया के पालन को दर्शाता है।

समाज पर प्रभाव और भविष्य की दिशा

इस तरह की सख्त कार्रवाइयों से समाज में नशे के खिलाफ एक मजबूत संदेश जाता है। स्थानीय समुदाय का समर्थन और सहयोग इस मुहिम की सफलता के लिए आवश्यक है। सरकार और प्रशासन को चाहिए कि वे नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ नशे के आदी व्यक्तियों के पुनर्वास और समाज में उनकी पुन: स्थापना के लिए भी प्रयास करें। इसके अलावा, युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए शिक्षा और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना चाहिए।

पंजाब में नशे के खिलाफ जारी 'वॉर ऑन ड्रग्स' अभियान के तहत खन्ना में की गई यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण कदम है। अवैध संपत्तियों को ध्वस्त करने से नशा तस्करों को सख्त संदेश मिला है कि कानून का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्थानीय समुदाय की सकारात्मक प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि लोग इस मुहिम का समर्थन करते हैं और एक नशामुक्त समाज की स्थापना की उम्मीद रखते हैं।


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