शिल्पग्राम में ऋतु वसंत उत्सव: शास्त्रीय संगीत और नृत्य की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों का मंचन
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-06 03:49:47

शिल्पग्राम में ऋतु वसंत उत्सव: शास्त्रीय संगीत और नृत्य की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों का मंचन
उदयपुर के शिल्पग्राम में आयोजित तीन दिवसीय 'ऋतु वसंत' उत्सव का समापन रविवार को मुक्ताकाशी रंगमंच पर शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ। समापन दिवस पर जयपुर के प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक मोहम्मद अमान खान ने अपनी मधुर और प्रभावशाली आवाज से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा को जीवंत करते हुए, उनकी प्रस्तुति ने उपस्थित श्रोताओं का दिल जीत लिया।
मोहम्मद अमान खान की प्रस्तुति: राग मारू बिहाग में 'रसिया हो ना जाए'
शास्त्रीय गायक मोहम्मद अमान खान ने राग मारू बिहाग में 'रसिया हो ना जाए' की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। मध्यलय में द्रुत ताल पर राखो मोरी लाज की भावनात्मक प्रस्तुति ने वसंत के उत्साह को सुरों में जीवंत कर दिया। इसके बाद राग मालती बसंत में 'जाको तक देख सुर अपार' की शानदार गायकी ने समां बांध दिया। उनकी प्रस्तुति में तबले पर रमजान हुसैन, हारमोनियम पर अनूप राज पुरोहित, तानपुरा पर विशाल राठौड़ एवं डिम्पी सुहालका ने संगत की।
आनंद नाट्यम की प्रस्तुति: वसंत ऋतु के उल्लास का नृत्यात्मक चित्रण
दिल्ली की सुप्रसिद्ध नृत्यांगना कनक सुधाकर और उनके दल द्वारा प्रस्तुत भरतनाट्यम नृत्य 'आनंद नाट्यम' ने वसंत ऋतु की खुशी और ऊर्जा का उत्सव मनाया। कनक सुधाकर की नृत्य शैली में भाव, लय और तकनीकी कुशलता का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। उनके निर्देशन में वरिष्ठ शिष्याएं अपराजिता, श्रुतिका, उपासना, प्रहरिणी, सारध्युति, आन्याश्री, अरुणिमा और गरिमा ने अपनी प्रस्तुति से समां बांध दिया।
नृत्य प्रस्तुति की विशेषताएँ: 'नत्यांजलि' से 'वृंदावन में नवरस' तक
नृत्य प्रस्तुति की शुरुआत 'नत्यांजलि' से हुई, जिसमें गणेश, सरस्वती, विष्णु, शिव और गुरु की स्तुति की गई। इसके बाद विशेष रूप से कोरियोग्राफ 'पुष्प अलारिप्पु' प्रस्तुत किया गया, जो फूलों के खिलने को दर्शाता है। इसके पश्चात 'आकाश लिंगम' में शिव के उस रूप को प्रदर्शित किया गया। इसके बाद 'वृंदावन में नवरस' प्रस्तुति हुई, जो रास की सुंदरता के बीच नौ रसों को प्रदर्शित करती है। यह कार्यक्रम वसंत ऋतु की उमंग और भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा का सुंदर संगम था, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की पहल: सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण
पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र उदयपुर द्वारा आयोजित यह उत्सव 28 फरवरी से 2 मार्च तक चला, जिसमें देश भर के प्रख्यात कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। केंद्र के निदेशक फुरकान खान ने बताया कि 'ऋतु वसंत' उत्सव ने शास्त्रीय संगीत और नृत्य के माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत करने का कार्य किया। इस समापन समारोह ने न केवल कला प्रेमियों को एक यादगार अनुभव दिया, बल्कि वसंत के आगमन को भी उत्साह और उमंग के साथ मनाया।
उपस्थित गणमान्य व्यक्ति: कला के प्रति समर्पण
इस कार्यक्रम में डॉ. प्रेम भण्डारी, पामिल मोदी, विलास जानवे, भानुप्रिया रोहिल्ला सहित शहर के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन मोहिता दीक्षित ने किया। इन सभी की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।