कश्मीर में बॉलीवुड स्टाइल साजिश: निर्दोष पर झूठा नशा तस्करी का आरोप
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-05 22:30:27

कश्मीर में बॉलीवुड स्टाइल साजिश: निर्दोष पर झूठा नशा तस्करी का आरोप
कश्मीर की वादियों में एक ऐसी साजिश का पर्दाफाश हुआ है, जो किसी बॉलीवुड फिल्म की कहानी से कम नहीं। चार साजिशकर्ताओं ने मिलकर एक निर्दोष व्यक्ति को नशा तस्करी के झूठे मामले में फंसाने की योजना बनाई, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी से उनकी चाल नाकाम हो गई।
साजिश की पृष्ठभूमि:
श्रीनगर के नटीपोरा निवासी मंज़ूर अहमद भट, जो एक सम्मानित नागरिक हैं, को उनके ही परिचितों ने नशे के कारोबार में फंसाने की साजिश रची। यह साजिश लालच और बदले की भावना से प्रेरित थी, जिसका मकसद मंज़ूर को फंसाकर उनकी संपत्ति हड़पना था।
घटना का खुलासा:
24 फरवरी को एडवोकेट युशा यूसुफ मीर ने करन नगर पुलिस स्टेशन में एक संदिग्ध वाहन की सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जब वाहन की तलाशी ली, तो उसमें 452 ग्राम चरस जैसा पदार्थ मिला। वाहन के मालिक मंज़ूर अहमद भट को मौके पर बुलाकर गिरफ्तार किया गया।
जांच में सामने आई साजिश:
पुलिस जांच में पता चला कि यह एक गहरी साजिश थी। आरोपी मोहम्मद शफी बडयारी ने मंज़ूर से कुछ दिन पहले उनकी कार उधार ली थी। बडयारी और उसके साथियों तौफीक अली और अरशद अहमद वानी ने मिलकर कार में नशे का पदार्थ रखा और फिर उसे मंज़ूर को लौटा दिया। इसके बाद उन्होंने योजना के तहत पुलिस को सूचना दी, ताकि मंज़ूर को फंसाया जा सके।
संपत्ति विवाद बना साजिश का कारण:
जांच में यह भी सामने आया कि साजिश का मूल कारण श्रीनगर के हैदरपोरा में एक संपत्ति सौदा था। मंज़ूर ने आरोपियों को संपत्ति खरीदने के लिए पैसे दिए थे, लेकिन उन्होंने सौदा पूरा करने के बजाय मंज़ूर को फंसाने की योजना बनाई, ताकि वे पैसे हड़प सकें।
पुलिस की तत्परता से साजिश नाकाम:
पुलिस की गहन जांच और तत्परता से साजिश का पर्दाफाश हुआ। आरोपियों की निशानदेही पर और भी नशे का सामान बरामद किया गया। हालांकि, एक आरोपी जहूर अहमद मीर अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
समाज के लिए संदेश:
यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि किस प्रकार लालच और बदले की भावना से प्रेरित होकर लोग निर्दोषों को फंसाने की कोशिश करते हैं। हमें सतर्क रहकर ऐसे तत्वों से सावधान रहना चाहिए।
कश्मीर की इस घटना ने यह साबित किया है कि सत्य को दबाया नहीं जा सकता। पुलिस की मुस्तैदी और निष्पक्ष जांच से निर्दोष को न्याय मिला और साजिशकर्ताओं का चेहरा बेनकाब हुआ।