मूर्तिकला के मसीहा हिम्मत शाह का निधन: एक युग का अंत


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-03-05 21:11:19



 

भारतीय समकालीन मूर्तिकला के प्रमुख स्तंभ, हिम्मत शाह का रविवार को 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके आकस्मिक निधन से कला जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। शाह की अनूठी कला शैली ने भारतीय मूर्तिकला को नए आयाम दिए थे।

अंतिम क्षण: सीने में दर्द, अस्पताल में निधन

रविवार को शाह को सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें जयपुर के वैशालीनगर स्थित शेल्बी हॉस्पिटल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। 

स्वास्थ्य स्थिति: अंतिम समय तक सक्रिय कलाकार

शाह के करीबी मित्र हिमांशु जांगिड़ के अनुसार, पिछले एक सप्ताह से वे अस्वस्थ थे, बावजूद इसके वे अपने स्टूडियो में निरंतर कार्यरत थे। 

अंतिम संस्कार: परिजनों की प्रतीक्षा

सोमवार को जयपुर में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। गुजरात से उनके परिजन यहां पहुंचेंगे। शाह अपने पीछे दो बहनों को छोड़ गए हैं, जो उनके अंतिम संस्कार में शामिल होंगी। 

जीवन परिचय: गुजरात से जयपुर तक का सफर

हिम्मत शाह का जन्म 1933 में गुजरात के लोथल में हुआ था। हालांकि, उन्होंने अपना अधिकांश जीवन जयपुर में बिताया और यहीं अपना कार्यक्षेत्र स्थापित किया। उनका सपना था कि युवा कलाकारों के लिए एक कला संस्थान स्थापित किया जाए, जहां वे अपनी कला को निखार सकें। 

कला यात्रा: टेराकोटा से कांस्य तक की अनूठी शैली

शाह ने मूर्तिकला में एक अनूठी शैली विकसित की, जिसमें टेराकोटा और कांस्य माध्यम का अद्भुत प्रयोग देखने को मिलता है। उनकी कलाकृतियां दुनियाभर में प्रसिद्ध हुईं और उन्होंने भारतीय मूर्तिकला को एक नई पहचान दी। 

नवीनतम परियोजना: विद्याधर नगर में कला संस्थान

हाल ही में, शाह ने जयपुर के विद्याधर नगर में तीन मंजिला आर्ट स्टूडियो तैयार किया था। यह स्टूडियो उनके सपने का प्रतीक था, जहां वे युवा कलाकारों को प्रशिक्षित करना चाहते थे। 

कला जगत की प्रतिक्रिया: शोक और श्रद्धांजलि

शाह के निधन से कला जगत में शोक की लहर है। उनके समकालीन और प्रशंसक उन्हें एक प्रेरणास्रोत के रूप में याद कर रहे हैं। उनकी कला और योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा।

हिम्मत शाह की विरासत

हिम्मत शाह का निधन भारतीय कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनकी कला और योगदान सदैव प्रेरणा स्रोत रहेंगे। उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को मार्गदर्शन प्रदान करती रहेगी।


global news ADglobal news AD