राजस्थान की साहित्यिक धरा पर बीकानेर के सितारे: कहानी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-03-05 13:55:45



 

प्रस्तावना:

साहित्य समाज का दर्पण होता है, जो उसकी संवेदनाओं, विचारों और परिवर्तनों को प्रतिबिंबित करता है। अखिल भारतीय साहित्य परिषद, जोधपुर प्रांत द्वारा आयोजित प्रांत स्तरीय कहानी प्रतियोगिता ने इसी उद्देश्य को सार्थक करते हुए साहित्यकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया। इस प्रतियोगिता में बीकानेर के साहित्यकारों ने अपनी उत्कृष्ट रचनाओं से न केवल सम्मान अर्जित किया, बल्कि क्षेत्र की साहित्यिक परंपरा को भी समृद्ध किया।

प्रतियोगिता का आयोजन और उद्देश्य:

अखिल भारतीय साहित्य परिषद, जोधपुर प्रांत के अध्यक्ष डॉ. अखिलानंद पाठक ने बताया कि इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य भारतीय परिवार व्यवस्था को केंद्र में रखकर साहित्यिक सृजन को प्रोत्साहित करना था। प्रतियोगिता तीन वर्गों में आयोजित की गई: साहित्यकार वर्ग, महाविद्यालय वर्ग और स्कूल वर्ग। इनमें विभिन्न जिलों के साहित्यकारों, महाविद्यालयों एवं स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी कहानियों का मूल्यांकन तीन चरणों में वरिष्ठ साहित्यकारों द्वारा किया गया, जिससे निष्पक्षता और गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।

साहित्यकार वर्ग में बीकानेर का वर्चस्व:

साहित्यकार वर्ग में बीकानेर के रचनाकारों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। श्री डूंगरगढ़ की भगवती पारीक ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि बीकानेर की श्रीमती सीमा पोपली द्वितीय स्थान पर रहीं। तृतीय स्थान भी बीकानेर के गंगाबिशन बिश्नोई ने हासिल किया। इन उपलब्धियों ने बीकानेर की साहित्यिक धरोहर को और भी समृद्ध किया है।

महाविद्यालय वर्ग में उभरती प्रतिभाएं:

महाविद्यालय वर्ग में भी बीकानेर जिले के छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। श्री डूंगरगढ़ महाविद्यालय की मनसा सोनी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि डूंगरगढ़ के ही दीनदयाल पारीक द्वितीय स्थान पर रहे। राजकीय महाविद्यालय खाजूवाला की मनीषा वर्मा ने तृतीय स्थान हासिल किया। इन छात्रों की उपलब्धियां यह दर्शाती हैं कि क्षेत्र में साहित्यिक प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है।

स्कूल वर्ग में नवोदित साहित्यकार:

स्कूल वर्ग में भी बीकानेर के छात्रों ने अपनी लेखनी का जादू बिखेरा। संवित शिक्षण संस्थान बीकानेर की कक्षा 12 की छात्रा हिमांगी राठौड़ ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। आदर्श विद्या मंदिर नोखा के मदन सिराण द्वितीय स्थान पर रहे, जबकि राजकीय चाचा नेहरू स्कूल नोखा की कक्षा 11 की छात्रा अनीता बिश्नोई ने तृतीय स्थान हासिल किया। इन नवोदित साहित्यकारों की सफलता भविष्य में साहित्य के क्षेत्र में उनके उज्ज्वल भविष्य की ओर संकेत करती है।

पुरस्कार वितरण समारोह:

कहानी प्रतियोगिता का समापन समारोह 9 मार्च, रविवार को जोधपुर में आयोजित होगा, जिसमें विजेताओं को प्रमाण पत्र तथा साहित्यकार सम्मान प्रदान किया जाएगा। यह समारोह न केवल प्रतिभागियों के लिए प्रेरणास्रोत होगा, बल्कि अन्य साहित्य प्रेमियों को भी प्रोत्साहित करेगा।

विजेता कहानियों का प्रकाशन:

प्रतियोगिता में विजेता साहित्यकारों की कहानियों को पुस्तक रूप में प्रकाशित करने की योजना है। अखिल भारतीय साहित्य परिषद का यह कदम नए साहित्यकारों को प्रोत्साहित करने और उनकी रचनाओं को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुंचाने में सहायक होगा। यह प्रकाशन साहित्यिक जगत में एक महत्वपूर्ण योगदान साबित होगा।

बीकानेर जिले के प्रतियोगिता प्रभारी की भूमिका:

बीकानेर जिले के प्रतियोगिता प्रभारी एवं साहित्य परिषद के मीडिया प्रमुख राजाराम स्वर्णकार ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके समर्पण और नेतृत्व में जिले के प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जो क्षेत्र की साहित्यिक उन्नति का प्रतीक है।

प्रांत अध्यक्ष की शुभकामनाएं:

प्रांत अध्यक्ष डॉ. अखिलानंद पाठक ने सभी विजेताओं को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसी प्रतियोगिताएं साहित्यिक प्रतिभाओं को मंच प्रदान करती हैं और समाज में साहित्य के प्रति जागरूकता फैलाने में सहायक होती हैं।

समारोह की महत्ता:

इस प्रकार के साहित्यिक आयोजनों से न केवल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलता है, बल्कि समाज में साहित्य के प्रति रुचि और सम्मान भी बढ़ता है। अखिल भारतीय साहित्य परिषद का यह प्रयास साहित्यिक संस्कृति को सुदृढ़ करने और नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

अखिल भारतीय साहित्य परिषद, जोधपुर प्रांत द्वारा आयोजित इस कहानी प्रतियोगिता ने बीकानेर के साहित्यकारों और छात्रों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया। उनकी उपलब्धियां न केवल व्यक्तिगत सफलता का प्रतीक हैं, बल्कि क्षेत्र की साहित्यिक समृद्धि का भी प्रमाण हैं।


global news ADglobal news AD