विश्व श्रवण दिवस: डॉ. लैरिंग्स हियरिंग एवं स्पीच थैरेपी क्लिनिक में जागरूकता और उत्सव का संगम


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-03-05 07:54:05



 

रविवार, 2 मार्च 2025 को जयपुर रोड स्थित डॉ. लैरिंग्स हियरिंग एवं स्पीच थैरेपी क्लिनिक में विश्व श्रवण दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव गुप्ता, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. सोनिया गुप्ता तथा आईटी विशेषज्ञ विनय थानवी उपस्थित रहे।

डॉ. लैरिंग्स क्लिनिक: श्रवण एवं वाणी सुधार में अग्रणी

डॉ. लैरिंग्स क्लिनिक के निदेशक एवं श्रवण एवं वाणी विशेषज्ञ (ऑडियोलॉजिस्ट) डॉ. कौशल शर्मा ने बताया कि वर्ष 2016 से यह क्लिनिक हियरिंग लॉस से ग्रसित बच्चों एवं कॉक्लियर सर्जरी करवा चुके बच्चों को स्पीच थैरेपी प्रदान कर रहा है। श्रवण वाणी विशेषज्ञ डॉ. सागरिका नंदा के मार्गदर्शन में इन बच्चों को मुख्यधारा में लाने के लिए विशेष अध्यापन कोर्स भी संचालित किया जा रहा है।

सांस्कृतिक एवं जागरूकता कार्यक्रम: बच्चों की प्रतिभा का प्रदर्शन

विश्व श्रवण दिवस से पूर्व, क्लिनिक में उपचार प्राप्त कर रहे बच्चों एवं उनके अभिभावकों के लिए एक सांस्कृतिक एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें स्पीच थैरेपी ले रहे बच्चों ने कविताएं, लोकगीत प्रस्तुत किए एवं लोकनृत्य में भाग लिया, जिससे उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन हुआ।

मुख्य अतिथि डॉ. गौरव गुप्ता का संबोधन: विज्ञान की प्रगति से संभव हुआ सुधार

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. गौरव गुप्ता ने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी भाग्यशाली माता-पिता हैं, और आपके बच्चे भी भाग्यशाली हैं कि विज्ञान की तरक्की के साथ हियरिंग लॉस और स्पीच थैरेपी का आधुनिक उपचार मिल रहा है। आपके प्रयासों से हियरिंग लॉस से ग्रसित बच्चे भी आम बच्चों की तरह पढ़-लिखकर एक मुकाम हासिल कर पा रहे हैं। उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि आज से दस वर्ष पहले तक हियरिंग लॉस से ग्रसित बच्चों को मुख्यधारा में लाना एक मुश्किल कार्य था, लेकिन अब माता-पिता भी जागरूक हो रहे हैं।

डॉ. सोनिया गुप्ता की सलाह: वर्चुअल ऑटिज्म से सतर्क रहें

कार्यक्रम के दौरान डॉ. सोनिया गुप्ता ने अभिभावकों को वर्चुअल ऑटिज्म से सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि वर्चुअल ऑटिज्म एक ऐसी स्थिति है जिसमें बच्चे के ज्यादा समय स्क्रीन पर बिताने की वजह से ऑटिज्म जैसे लक्षण दिखने लगते हैं। यह आम तौर पर तीन साल से कम उम्र के बच्चों में होता है।

विनय थानवी का संदेश: समाज में जागरूकता फैलाएं

आईटी एवं जनसंपर्क विशेषज्ञ विनय थानवी ने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी अपने बच्चों के लिए बेहतर उपचार प्राप्त कर रहे हैं, इसलिए आपकी जिम्मेदारी बनती है कि अपने आस-पास हियरिंग लॉस से जुड़े बच्चों को पहचान कर उनके उपचार हेतु समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य करें।

डॉ. लैरिंग्स हियरिंग एवं स्पीच थैरेपी क्लिनिक द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम ने श्रवण स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता से हियरिंग लॉस से ग्रसित बच्चों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन संभव हो रहा है।


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